Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

Haryana News : यूनिवर्सिटीज के बीच संयुक्त रिसर्च, स्टूडेंट-फैकल्टी एक्सचेंज और शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने पर मंथन

ऑस्ट्रेलिया के रोजगार बाजार के लिए अपने युवाओं को तैयार करेगा प्रदेश; हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन, आईटी, लॉजिस्टिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में अवसरों के अनुरूप होगी स्किल ट्रेनिंग

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Haryana News : हरियाणा अब अपने युवाओं को केवल प्रदेश या देश के रोजगार बाजार तक सीमित रखने के बजाय ऑस्ट्रेलिया के रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसके लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल यूनिवर्सिटीज को ऑस्ट्रेलिया के तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों से जोड़ने, आधुनिक पाठ्यक्रम, अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन की व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।

बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक में इस सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उप प्रधान सचिव अजय कुमार, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी, विभाग की संयुक्त निदेशक हिना बिंदलिश तथा ऑस्ट्रेलिया-इंडिया बिजनेस काउंसिल से जुड़े प्रतिनिधियों समेत दोनों पक्षों के अधिकारी मौजूद रहे।

Advertisement

बैठक में शिक्षा और स्किलिंग के अलावा उच्च शिक्षा, रिसर्च, कृषि, ग्रीन एनर्जी, खेल, पर्यटन, व्यापार और निवेश में हरियाणा-ऑस्ट्रेलिया सहयोग को नई दिशा देने पर विचार हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी का लाभ हरियाणा के युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों, उद्यमियों और उद्योगों तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा, स्किल, रिसर्च, इनोवेशन, स्पोर्ट्स और टूरिज्म के जरिए दोनों पक्षों के बीच पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट को और मजबूत किया जा सकता है।

Advertisement

छह क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं, उसी हिसाब से ट्रेनिंग

ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के युवाओं के लिए वहां हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स और आईटी जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट में सहयोग की संभावनाएं रखीं। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण केवल पारंपरिक ट्रेड तक सीमित न रहे, बल्कि उद्योगों की वास्तविक जरूरत के मुताबिक हो। अंग्रेजी भाषा, प्रमाणन और रोजगार के लिए जरूरी अतिरिक्त प्रशिक्षण को भी इसका हिस्सा बनाने पर विचार हुआ। इस दिशा में हरियाणा के आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल यूनिवर्सिटीज तथा ऑस्ट्रेलिया के तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग विकसित किया जा सकता है।

डिग्री से आगे बढ़ेगी साझेदारी, रिसर्च पर जोर

उच्च शिक्षा में भी दोनों पक्षों के बीच साझेदारी को केवल विद्यार्थी आदान-प्रदान तक सीमित न रखने पर जोर रहा। हरियाणा की यूनिवर्सिटीज और ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों व रिसर्च संस्थानों के बीच संयुक्त रिसर्च, स्टूडेंट-फैकल्टी एक्सचेंज और संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशी गईं। एआई, साइबर सिक्योरिटी, कृषि, इंजीनियरिंग, क्लीन एनर्जी और पब्लिक पॉलिसी को संभावित सहयोग के प्रमुख क्षेत्र के रूप में रखा गया। हरियाणा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रिसर्च एवं इनोवेशन हब तथा नई तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने में ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता लेने पर भी चर्चा हुई।

खेत से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक ऑस्ट्रेलियाई तकनीक

कृषि क्षेत्र में दोनों देशों की विशेषज्ञता को जोड़ने की संभावनाएं भी बैठक के एजेंडे में रहीं। प्रिसिजन एग्रीकल्चर, पानी की बचत वाली खेती, क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर, मिट्टी की सेहत, फार्म मैकेनाइजेशन, डेयरी टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग और कोल्ड चेन में तकनीकी सहयोग पर विचार किया गया। इसका मकसद खेती में तकनीक के इस्तेमाल के साथ पानी और संसाधनों की बचत तथा कृषि उत्पादों के बेहतर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की संभावनाएं बढ़ाना है।

ग्रीन हाइड्रोजन से बैटरी स्टोरेज तक

हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया के बीच ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, रिन्यूएबल एनर्जी, वेस्ट-टू-एनर्जी और सर्कुलर इकोनॉमी में सहयोग की संभावनाएं भी तलाश की गईं। हरियाणा की औद्योगिक क्षमता और ऑस्ट्रेलिया की तकनीकी विशेषज्ञता को जोड़कर नई क्लीन एनर्जी परियोजनाएं विकसित करने पर मंथन हुआ।

ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को हरियाणा में निवेश का न्योता

बैठक में ऑटोमोबाइल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीटेक, टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री-4.0 में ऑस्ट्रेलियाई निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्था, विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और तेजी से विकसित हो रहा इनोवेशन इकोसिस्टम ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के लिए अवसर उपलब्ध कराता है।

खिलाड़ियों को हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग का लाभ

स्पोर्ट्स साइंस, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग, एथलीट डेवलपमेंट और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशी गईं। क्रिकेट, हॉकी, कुश्ती और बॉक्सिंग में ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता का लाभ हरियाणा के खिलाड़ियों तक पहुंचाने पर विचार हुआ। टूरिज्म और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। फिलिप ग्रीन ने मुख्यमंत्री को ऑस्ट्रेलिया आने का निमंत्रण दिया।

Advertisement
×