Haryana News : जंतर-मंतर की गूंज के बीच जेन-जी तक पहुंचने में जुटी सैनी सरकार, 21 अगस्त को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में युवाओं से सीधे होंगे रूबरू
स्टार्टअप और रोजगार पर होगी खुली बातचीत... सोनीपत के बाद दूसरा बड़ा संवाद; मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी जेन-जी के बीच जाने के निर्देश
Haryana News : जेन-जी के सवालों और आवाज को लेकर देशभर में माहौल गरमाए जाने के बीच हरियाणा सरकार ने युवाओं से सीधे संवाद की अपनी कवायद को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 21 अगस्त को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में जेन-जी के साथ सीधे संवाद करेंगे। यह केवल स्टार्टअप पर कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि युवाओं से उनके रोजगार, उद्यमिता, नई तकनीक और भविष्य को लेकर बातचीत का मंच तैयार किया जा रहा है।
सरकार की इस पहल की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्यक्रम को औपचारिक भाषणों तक सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। वह शुरुआत से समापन तक युवाओं के बीच रहेंगे और उनसे सीधे बातचीत करेंगे। सोनीपत में कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री की हालिया मुलाकात के बाद गुरुग्राम का कार्यक्रम इस संवाद की अगली बड़ी कड़ी है। सरकार ने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी जेन-जी के बीच जाकर संवाद करने के निर्देश दिए हैं।
जेन-जी से संवाद, सिर्फ स्टार्टअप तक सीमित नहीं
गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में होने वाले कार्यक्रम में स्टार्टअप को प्रमुख विषय बनाया गया है, लेकिन सरकार की पहुंच का दायरा इससे कहीं बड़ा रखा गया है। मुख्यमंत्री के साथ युवाओं की सीधी बातचीत में वे अपने सवाल और विचार रख सकेंगे। कार्यक्रम में युवाओं को यह बताया जाएगा कि स्टार्टअप का विचार कारोबार में कैसे बदले, उसके लिए धन कहां से मिले, तकनीकी मदद कैसे हासिल हो और शुरुआती चरण में किन संस्थाओं से संपर्क किया जाए। यानी सरकार युवाओं को केवल उद्यमिता के लिए प्रेरित करने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता बताने की तैयारी में है।
छह कमरों में स्टार्टअप की पाठशाला
कार्यक्रम स्थल पर छह मास्टर क्लास कक्ष बनाए जाएंगे। प्रत्येक में करीब 50 युवाओं के समूह को सफल उद्यमी प्रशिक्षण देंगे। वे अपने अनुभव के जरिए बताएंगे कि किसी विचार को स्टार्टअप में और फिर उसे बड़े कारोबार में कैसे बदला जा सकता है। प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे और बाद में उन्हें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) से जोड़ा जाएगा। यहां उन्हें कारोबार का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। एक अलग स्टार्टअप कक्ष में करीब 60 सफल युवा उद्यमी युवाओं से संवाद करेंगे। बैंक ऋण से जुड़ी जानकारी देंगे, जबकि कौशल विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं पर मार्गदर्शन करेंगे।
दो बसें लेकर निकलेंगे ‘युवा उद्यमी’
गुरुग्राम कार्यक्रम की एक और बड़ी कड़ी ‘युवा उद्यमी यात्रा’ होगी। मुख्यमंत्री दो बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें दिसंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में जाएंगी और कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई तथा कोचिंग संस्थानों तक पहुंचेंगी। यात्रा के दौरान युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी देने के साथ उनके विचारों और सवालों का समाधान किया जाएगा। सरकार ने प्रत्येक पड़ाव पर प्रदर्शनी लगाने तथा बैंकों के स्टॉल के जरिए ऋण और वित्तीय सहायता की जानकारी उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। यात्रा से जुड़ने वाले युवाओं का पंजीकरण भी किया जाएगा, ताकि बाद में उन्हें जरूरी मार्गदर्शन और सहायता से जोड़ा जा सके।
गुरुग्राम से दिसंबर तक जारी रहेगा संवाद
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले ही उसका रूट तय कर सभी शिक्षण संस्थानों को इसकी जानकारी दी जाए। विद्यार्थियों को यह भी बताया जाए कि वे अपने स्टार्टअप विचार को आगे बढ़ाने के लिए यात्रा से किस तरह मदद ले सकते हैं। दिसंबर में यात्रा के समापन पर जेन-जी के लिए बड़ा कार्यक्रम होगा। इसमें यात्रा के दौरान लाभान्वित युवाओं को भी बुलाया जाएगा। इस तरह 21 अगस्त का गुरुग्राम कार्यक्रम एक दिन के आयोजन के बजाय दिसंबर तक चलने वाली युवा पहुंच का शुरुआती पड़ाव होगा।
‘नौकरी मांगने से आगे बढ़कर रोजगार देने की सोच’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आने वाला समय नई तकनीक, नई सोच और नई प्रौद्योगिकी का है। आज का युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अपना उद्यम खड़ा कर दूसरे युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने की क्षमता रखता है। सरकार युवाओं के इस विचार को साकार करने के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
सरकार के लिए क्यों अहम है जेन-जी से संवाद
जेन-जी के मुद्दे इन दिनों देश के राजनीतिक विमर्श में लगातार जगह बना रहे हैं। रोजगार, शिक्षा, अवसर और भविष्य को लेकर युवाओं की मुखरता ने राजनीतिक दलों और सरकारों को भी इस पीढ़ी के साथ संवाद बढ़ाने के लिए मजबूर किया है। ऐसे माहौल में हरियाणा में मुख्यमंत्री का सीधे युवाओं के बीच जाना, सोनीपत में विद्यार्थियों से संवाद और अब गुरुग्राम में जेन-जी के साथ बड़ा कार्यक्रम महज अलग-अलग आयोजन नहीं दिखते। सरकार ने इसके समानांतर मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी युवाओं के बीच जाने को कहा है। यानी कोशिश यह है कि जेन-जी से संवाद केवल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि सरकार और संगठन के स्तर पर भी युवाओं तक सीधी पहुंच बनाई जाए।

