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Haryana New Rules : हरियाणा सरकार के नए नियम; अब बॉन्ड होंगे सभी के लिए, आम लोग भी कर सकेंगे निवेश

नियम बदलने से हरियाणा के विकास में आम आदमी की होगी भागीदारी, 10 हजार रुपये से निवेश, डीमैट में मिलेंगे बॉन्ड, आरबीआई करेगा पूरा प्रबंधन

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Haryana New Rules : हरियाणा सरकार ने राज्य के विकास कार्यों के लिए धन जुटाने की प्रक्रिया को आम लोगों के लिए सरल और पारदर्शी बना दिया है। सरकार ने स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटीज यानी सरकारी बॉन्ड जारी करने से जुड़े नियमों मंर बदलाव करते हुए नई सामान्य शर्तें अधिसूचित की हैं। ये नए नियम 2007 से लागू पुरानी अधिसूचना की जगह लेंगे। अधिसूचना मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी की गई है।

सरकारी बॉन्ड ऐसे निवेश साधन होते हैं, जिनमें लोग सरकार को पैसा उधार देते हैं और बदले में सरकार तय अवधि तक ब्याज देती है तथा परिपक्वता पर पूरी रकम लौटा देती है। चूंकि ये बॉन्ड हरियाणा सरकार के समेकित कोष की गारंटी पर जारी होंगे, इसलिए इन्हें सुरक्षित निवेश की श्रेणी में रखा जाता है।

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नई अधिसूचना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब सरकारी बॉन्ड केवल बड़े संस्थानों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आम नागरिक भी इनमें निवेश कर सकेंगे। सरकार जरूरत के अनुसार अलग-अलग तरह के बॉन्ड जारी कर सकेगी। बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज (कूपन रेट) नीलामी के जरिए तय होगा। बॉन्ड अंकित मूल्य पर, सस्ते (डिस्काउंट) या महंगे (प्रीमियम) दाम पर जारी हो सकते हैं। बॉन्ड की न्यूनतम अवधि 1 वर्ष होगी।

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कौन-कौन कर सकेगा निवेश

नए नियमों के तहत निवेशकों का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। इनमें आम भारतीय नागरिक, कंपनियां, संस्थान और ट्रस्ट भविष्य निधि (पीएफ) और पेंशन फंड, हिंदू अविभाजित परिवार तथा अन्य राज्य सरकारें और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। यही नहीं, विदेशी नियमों के तहत एनआरआई भी निवेश कर सकेंगे।

न्यूनतम निवेश कितना होगा

सरकारी बॉन्ड में कम से कम 10,000 रुपये से निवेश किया जा सकेगा। यानी मध्यम वर्ग और छोटे निवेशकों के लिए भी अब सरकारी बॉन्ड एक व्यावहारिक विकल्प बन गए हैं। सभी बॉन्ड डीमैट खाते में जारी किए जाएंगे। इनका प्रबंधन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) करेगा। ब्याज और मूलधन की रकम तय तारीख पर सीधे निवेशक के खाते में पहुंचेगी। आरबीआई समय-समय पर बॉन्ड की तारीख, अवधि और बिक्री की जानकारी देगा।

जानिए सरकार कैसे बचेगी बॉन्ड

हरियाणा सरकार बॉन्ड बेचने के लिए कई तरीके अपना सकेगी। सरकार चाहेगी तो नीलामी के जरिए बॉन्ड बेच सकेगी। सीधे बिक्री (ऑन-टैप सेल) तथा पुराने बॉन्ड को नए बॉन्ड से बदलने की भी सुविधा रहेगी। छोटे निवेशकों की सुविधा के लिए गैर-प्रतिस्पर्धी बोली का विकल्प भी रहेगा, ताकि तकनीकी जानकारी की कमी निवेश में बाधा न बने।

विवाद हुआ तो कैसे निपटेगा

सरकार ने नये नियमों में यह भी स्पष्ट कि दिया है कि अगर बॉन्ड से जुड़ा कोई विवाद होता है, तो उसका निपटारा भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में किया जाएगा। निवेशकों के अधिकार सरकारी प्रतिभूति अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत सुरक्षित रहेंगे।

आम लोगों के लिए क्यों है खास

सरकार का उद्देश्य एक ओर राज्य के विकास के लिए संसाधन जुटाना है, तो दूसरी ओर लोगों को सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद विकल्प देना है। नए, आसान और स्पष्ट नियमों के बाद अब आम लोग भी सीधे हरियाणा सरकार के बॉन्ड में निवेश कर सकेंगे और बिना ज्यादा जोखिम के तय ब्याज कमा सकेंगे।

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