Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

Haryana Monsoon Session : सत्र खत्म, हुड्डा ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा; बोले- भाजपा ने हर मोर्चे पर प्रदेश को निराश किया

कौशल कर्मियों से लेकर सफाई कर्मचारियों तक के मुद्दे पर सरकार को घेरा, चुनावी वादे पूरे नहीं करने का लगाया आरोप

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Haryana Monsoon Session : हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र खत्म होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता कर भाजपा सरकार के खिलाफ आरोपों की लंबी फेहरिस्त रखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान किए वादे पूरे नहीं किए और विधानसभा सत्र में भी विपक्ष द्वारा उठाए गए गंभीर मुद्दों पर जनता को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हुड्डा ने खास तौर पर कौशल कर्मियों और सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण, बैंक घोटालों, सरकारी भर्तियों, आयुष्मान योजना और प्रदेश के कर्ज को लेकर सरकार को घेरा।

बुधवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि वे कई बार सांसद और विधायक रह चुके हैं, लेकिन विधानसभा के इस मानसून सत्र में विपक्ष के साथ जैसा व्यवहार हुआ, वैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस विधायकों के साथ धक्का-मुक्की की गई और वरिष्ठ विधायकों तक के खिलाफ तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाया गया। उन्होंने इसे विधानसभा के इतिहास का काला अध्याय बताया। इस मौके पर थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा व झज्जर विधायक गीता भुक्कल भी मौजूद रहीं।

Advertisement

युवाओं को बना दिया दिहाड़ीदार

हुड्डा ने कौशल निगम को लेकर भाजपा पर चुनावी वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कौशल कर्मियों को रिटायरमेंट तक पक्का करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन आज सरकार कौशल निगम को महज वैकल्पिक व्यवस्था बता रही है। हुड्डा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को स्थायी नौकरी की गारंटी नहीं है और उन्हें हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज कौशल कर्मी न बेरोजगार हैं, न तनख्वाहदार हैं, इनको दिहाड़ीदार बना दिया है। सफाई कर्मियों के मुद्दे पर हुड्डा ने सरकार के मंत्री के बयान पर सवाल उठाया।

Advertisement

अपने ही वादों को भूली भाजपा

उन्होंने पत्रकारों को 16 और 18 जून, 2014 की कांग्रेस सरकार की नीतियां दिखाईं और कहा कि उस समय तीन साल से कार्यरत कर्मचारियों को पक्का करने का फैसला लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि इन नीतियों को हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक न्यायिक संरक्षण मिला। हुड्डा ने सवाल किया कि जब कांग्रेस सरकार तीन साल की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की नीति बना सकती थी तो भाजपा सरकार सफाई कर्मियों के लिए ऐसी नीति क्यों नहीं बना सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के कर्मचारियों के हित में फैसला लेने से बच रही है।

बैंक घोटालों को लेकर सरकार से जवाब मांगा

हुड्डा ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा सत्र में इन पर चर्चा की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बचती रही। हुड्डा ने कहा कि सरकार का दावा है कि इन बैंक मामलों से कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। इस पर उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ तो तीन-तीन आईएएस अधिकारियों को निलंबित क्यों करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच से बच रही है और पूछा कि आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही है।

भर्ती और आयुष्मान पर भी सरकार को घेरा

नौकरियों को लेकर हुड्डा ने कहा कि सरकार का दावा है कि भाजपा शासन में न कोई भर्ती रद्द हुई और न ही भर्ती में धांधली हुई। उन्होंने इसके विपरीत एचपीएससी, एचएसएससी और कौशल निगम से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इन संस्थाओं को अदालतों से फटकार और जुर्माना तक झेलना पड़ा है। उन्होंने प्रदेश पर 5.53 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने का दावा किया और भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे ‘पी-पी-पी-पी की सरकार - प्रचार, पुलिस, पोर्टल और पोलराइजेशन’ करार दिया। आयुष्मान योजना पर हुड्डा ने दावा किया कि निजी अस्पतालों का करीब 1200 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने कहा कि भुगतान अटकने से गरीब मरीजों को इलाज में परेशानी हो रही है और सरकार कागजों में योजना चलाने तक सीमित है।

अवैध कॉलोनियों पर अरोड़ा का हमला: ‘लोगों से हो रही लाखों-करोड़ों की लूट’

इस मौके पर अशोक अरोड़ा ने प्रदेश में तेजी से काटी जा रही अवैध कॉलोनियों और एचएसवीपी सेक्टरों की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कॉलोनियों के नाम पर लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की स्थिति खराब है। अरोड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद हुडा का नाम बदलकर एचएसवीपी तो कर दिया, लेकिन उसके विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पहले सेक्टरों में प्लॉट लॉटरी के जरिए आवंटित किए जाते थे, जिससे लोगों को अपेक्षाकृत सस्ती दर पर जमीन मिल जाती थी। अब बोली के जरिए प्लॉट आवंटित किए जाने से जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘विकास नाम बदलने से नहीं, नीयत बदलने से होता है।’

Advertisement
×