Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Grand Independence Day Sale
search-icon-img
Advertisement

Haryana Higher Education Vision 2047 : हरियाणा के विश्वविद्यालय बनेंगे रिसर्च और स्टार्टअप के पावरहाउस

20 करोड़ का राज्य अनुसंधान कोष, हर जिले में मॉडल संस्कृति कॉलेज और एआई डिजिटल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Haryana Higher Education Vision 2047 :  हरियाणा सरकार ने वर्ष 2047 तक राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को अनुसंधान, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ने का व्यापक रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ समीक्षा बैठक में कई अहम निर्णयों को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें राज्य की चुनौतियों के समाधान, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसी दिशा में सरकार ने 20 करोड़ रुपये के 'हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष' की स्थापना का निर्णय लिया है। इसके तहत 27 उच्च शिक्षण संस्थानों की 90 शोध परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

Advertisement

शोध को समाज और उद्योग से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शोध को केवल प्रयोगशालाओं और शोधपत्रों तक सीमित रखना नहीं है। विश्वविद्यालयों में होने वाला अनुसंधान किसानों, उद्योगों, स्थानीय निकायों और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान से सीधे जुड़ा होगा। चयनित शोध परियोजनाएं कृषि, भूजल संरक्षण, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रामीण विकास, औद्योगिक नवाचार और समावेशी शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। सरकार का लक्ष्य इन शोधों के माध्यम से पेटेंट, स्टार्टअप और व्यवहारिक तकनीकों को बढ़ावा देना है।

Advertisement

हर जिले में मॉडल संस्कृति कॉलेज और एआई डिजिटल कॉलेज

बैठक में प्रत्येक जिले में मॉडल संस्कृति कॉलेज स्थापित करने की योजना की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आधुनिक तकनीकों पर आधारित स्वायत्त एआई डिजिटल कॉलेज स्थापित करने की भी घोषणा की गई, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य उभरती तकनीकों से संबंधित शिक्षा एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार होगा।

'नीव' पोर्टल करेगा लाइव मॉनिटरिंग

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विकसित 'नीव' पोर्टल की भी समीक्षा की गई। यह पोर्टल राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में चल रहे शोध, पेटेंट, स्टार्टअप, प्लेसमेंट और विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। सरकार इसे डेटा आधारित उच्च शिक्षा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रही है।

पेटेंट, प्लेसमेंट और उद्योग से सीधा जुड़ाव

सरकार ने पेटेंट पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये तक की प्रतिपूर्ति सहायता देने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये का 'उच्च शिक्षा गुणवत्ता एवं अनुसंधान उत्कृष्टता कोष' स्थापित किया गया है। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जोड़ने के लिए सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है, जिससे उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्राओं के लिए 20 किलोमीटर के दायरे में कॉलेज उपलब्ध कराने का वादा पहले ही पूरा कर चुकी है। अब लक्ष्य उच्च शिक्षा को पूरी तरह शोध, तकनीक और रोजगार आधारित बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों के माध्यम से वर्ष 2047 तक हरियाणा अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता आधारित उच्च शिक्षा का अग्रणी केंद्र बनेगा।

Advertisement
×