Haryana Fire Services : हरियाणा खरीदेगा 4 हाई-राइज एरियल लैडर, 104 मीटर तक पहुंचेगी दमकल की रेस्क्यू क्षमता
11 सितंबर को होगी प्री-एनआईटी व मार्केट कंसल्टेशन बैठक, 10 सितंबर तक पंजीकरण
Haryana Fire Services : हरियाणा में ऊंची इमारतों में आग लगने या बड़े स्तर के रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति में दमकल की पहुंच को और मजबूत करने की तैयारी है। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशालय 90 मीटर के दो और 104 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले दो एरियल लैडर प्लेटफॉर्म खरीदने जा रहा है। यानी विभाग के बेड़े में चार ऐसे हाई-राइज रेस्क्यू प्लेटफॉर्म शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जो बहुमंजिला इमारतों में ऊंचाई तक पहुंचकर आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
यह खरीद प्रक्रिया शुरू करने से पहले विभाग ने बाजार और उद्योग से तकनीकी जानकारी लेने का फैसला किया है। इसके लिए देश-विदेश के निर्माताओं, अधिकृत प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ प्री-एनआईटी और मार्केट कंसल्टेशन किया जाएगा। इसमें प्रस्तावित मशीनों के तकनीकी मापदंडों से लेकर पात्रता, वारंटी, डिलीवरी और व्यावसायिक शर्तों पर सुझाव लिए जाएंगे।
104 मीटर तक पहुंचने वाली मशीनों पर फोकस
प्रस्तावित खरीद में सबसे बड़ी क्षमता वाले दो एरियल लैडर प्लेटफॉर्म 104 मीटर तक पहुंचने वाले होंगे। इसके अलावा दो प्लेटफॉर्म की कार्य ऊंचाई 90 मीटर होगी। इतनी ऊंचाई तक पहुंचने वाले उपकरण खासतौर पर ऊंची इमारतों में आग लगने, ऊपरी मंजिलों तक अग्निशमन उपकरण पहुंचाने और आपात स्थिति में लोगों के रेस्क्यू के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। विभाग खरीद से पहले यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि प्रस्तावित उपकरणों के तकनीकी मानक और अन्य शर्तें बाजार में उपलब्ध आधुनिक तकनीक तथा निर्माताओं की वास्तविक क्षमता के अनुरूप हों। इसी उद्देश्य से टेंडर की शर्तें तय करने से पहले उद्योग से फीडबैक लिया जाएगा।
टेंडर से पहले बाजार की राय लेगा विभाग
प्री-एनआईटी बैठक में तकनीकी स्पेसिफिकेशन, पात्रता मानदंड, वारंटी और डिलीवरी शेड्यूल के अलावा खरीद से जुड़े व्यावसायिक प्रावधानों पर भी चर्चा होगी। देशी और विदेशी निर्माता तथा उनके अधिकृत प्रतिनिधि अपने सुझाव और उपलब्ध तकनीकी जानकारी निदेशालय के सामने रख सकेंगे। बैठक 11 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। इसमें शामिल होने के इच्छुक हितधारकों को बृहस्पतिवार की शाम 5:30 बजे तक पंजीकरण कराना होगा।
बैठक टेंडर नहीं, सिर्फ तकनीकी परामर्श
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया स्वयं कोई टेंडर या ईओआई नहीं है। प्री-एनआईटी और मार्केट कंसल्टेशन का उद्देश्य केवल आगामी टेंडर दस्तावेज को अंतिम रूप देने से पहले उद्योग से सुझाव और आवश्यक तकनीकी जानकारी हासिल करना है। बैठक में शामिल होने वाले किसी निर्माता या हितधारक को भविष्य की खरीद प्रक्रिया में कोई विशेष अधिकार या प्राथमिकता नहीं मिलेगी। अंतिम खरीद प्रक्रिया निर्धारित सरकारी नियमों और टेंडर प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ेगी।

