Haryana Crime : CIA कालांवाली ने कार से बरामद किए 44 लाख, 2 लोग हिरासत में; हवाला कनेक्शन का संदेह?
गांव पन्नीवाला मोटा के पास नाकाबंदी कर पकड़ी गई इनोवा
Haryana Crime : सीआईए कालांवाली पुलिस ने शुक्रवार शाम को एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक इनोवा कार से 44 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की है। पुलिस ने गांव पन्नीवाला मोटा के पास नाकाबंदी कर यह सफलता हासिल की।
मौके से कार सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिनमें से एक अनाज मंडी का व्यापारी और दूसरा निजी बैंक का कर्मचारी बताया जा रहा है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद अब पुलिस और संबंधित विभाग उनके बैंक खातों सहित अन्य दस्तावेजों को खंगालने में जुट गए हैं। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान कालांवाली अनाज मंडी के व्यापारी मनजीत गोयल उर्फ मोनू ठेकेदार और निजी बैंक कर्मचारी साहिल कुमार के रूप में हुई है।
अवैध कारोबार से जुड़ रहे हैं तार
कालांवाली और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों फर्जी बिलिंग, हवाला कारोबार और ऑनलाइन ठगी की चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्र बताते हैं कि इन गतिविधियों में कुछ निजी बैंकों की संलिप्तता भी संदिग्ध है। यही कारण है कि पुलिस इस बरामदगी को महज इत्तेफाक नहीं मान रही और इसे गैर-कानूनी नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। हालांकि, सीआईए इंचार्ज का कहना है कि पुलिस और आयकर विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
सिरसा ले जा रहे थे कैश, व्यापारी ने दी सफाई
सीआईए इंचार्ज सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि मनजीत गोयल अपनी इनोवा कार में भारी मात्रा में नकदी लेकर सिरसा की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर पन्नीवाला मोटा के पास नाकाबंदी की गई और कार की तलाशी ली गई, जिसमें से 44 लाख रुपये बरामद हुए। पूछताछ में व्यापारी मनजीत गोयल ने दावा किया कि कालांवाली के बैंक में नकदी जमा करने की सीमा या अन्य तकनीकी कारणों से वह इस राशि को सिरसा बैंक में जमा करवाने जा रहा था।
आयकर विभाग करेगा अगली कार्रवाई
वहीं, कार में मौजूद साहिल कुमार ने बताया कि उसने केवल सिरसा जाने के लिए रास्ते से लिफ्ट ली थी। इंचार्ज सुरेश कुमार के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ के बाद मनजीत गोयल और साहिल कुमार को फिलहाल छोड़ दिया गया है, लेकिन बरामद 44 लाख की नकदी को ओढ़ां पुलिस थाने में सुरक्षित जमा करवा दिया गया है। यह राशि व्यापारी की मौजूदगी में ही गिनी गई। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों और आयकर विभाग को दे दी गई है। अब इस धन के स्रोत और वैधानिकता की जांच आयकर विभाग द्वारा की जाएगी।

