Haryana Census 2026 : हरियाणा में 1 मई से शुरू होगा जनगणना व आवास सूचीकरण अभियान, कल स्व-गणना का आखिरी मौका
डिजिटल माध्यम से जानकारी देने का अंतिम दिन 30 अप्रैल, प्रदेश में 2.45 लाख से अधिक घरों ने बनाया रिकॉर्ड
Haryana Census 2026 : हरियाणा में जनगणना 2026 की जमीनी प्रक्रिया 1 मई से शुरू होने जा रही है। इससे पहले राज्य के निवासियों के पास डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने यानी 'स्व-गणना' का कल (30 अप्रैल) आखिरी मौका है। गृह मंत्रालय के जनगणना संचालन निदेशक डॉ. ललित जैन ने बुधवार को अपील की कि नागरिक इस सुविधा का लाभ उठाएं और समय रहते पंजीकरण पूरा करें।
डॉ. जैन ने बताया कि हरियाणा में अब तक 2.45 लाख से अधिक घरों ने स्व-गणना पूरी कर ली है, जो एक नया रिकॉर्ड है। यह राज्य में मजबूत जन भागीदारी और जागरूकता को दर्शाता है। विशेषकर युवाओं में इस प्रक्रिया को लेकर काफी उत्साह देखा गया है।
5 से 7 मिनट में पूरी होगी प्रक्रिया
स्व-गणना की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। नागरिक http://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर केवल 5 से 7 मिनट में इसे पूरा कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद नागरिकों को एक यूनिक आईडी नंबर मिलेगा। डॉ. जैन ने स्पष्ट किया कि जब गणक (इन्यूमरेटर) आपके घर पर फील्ड विजिट के लिए आएंगे, तब उन्हें यह आईडी नंबर दिखाना अनिवार्य होगा। 1 मई से पूरे हरियाणा में वास्तविक आवास सूचीकरण और जनगणना का कार्य शुरू हो जाएगा।
जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
जनगणना निदेशक ने आम जनता को भरोसा दिया कि नागरिकों द्वारा साझा की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसे किसी भी व्यक्ति या निजी संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। उन्होंने गणकों और पर्यवेक्षकों को सही और अपडेटेड जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की।
असहयोग करने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
अभियान की गंभीरता बताते हुए डॉ. जैन ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है। इसी के आधार पर देश के विकास की नीतियां और संसाधनों का वितरण तय होता है। उन्होंने सचेत किया कि जनगणना अधिकारियों को जानकारी देने से मना करना या उनके साथ असहयोग करना 'जनगणना अधिनियम' के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी राज्य के सभी जिलों में इस अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसी भी तकनीकी समस्या या कठिनाई के लिए नागरिक अपने संबंधित तहसीलदार या पर्यवेक्षक से संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया है, जहां शिकायतों का निवारण किया जाएगा।

