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Haryana Cabinet Meeting : अब गांव की ‘शामलात’ जमीन से बदलेगी महिलाओं की तकदीर, प्रदेश में डेयरी चलाने को मिलेगी पंचायत भूमि

स्वयं सहायता समूहों को सरकार का बड़ा तोहफा, गांवों में बढ़ेगा डेयरी रोजगार

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Haryana Cabinet Meeting : हरियाणा सरकार ने ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि अब ग्राम पंचायतें अपनी शामलात देह भूमि स्वयं सहायता समूहों को डेयरी फार्मिंग के लिए लीज पर दे सकेंगी। इस फैसले के लिए सरकार ने हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) रूल्स, 1964 के नियम-6 में संशोधन को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) से पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों और उनके सहकारी समितियों को अधिकतम 500 वर्ग गज तक जमीन डेयरी स्थापित करने के लिए दी जा सकेगी।

पांच साल की लीज, अच्छा काम होने पर बढ़ेगी अवधि

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सरकार के अनुसार पंचायतें शुरुआत में पांच वर्ष के लिए जमीन लीज पर देंगी। यदि डेयरी संचालन संतोषजनक पाया गया तो ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रमाणन के आधार पर लीज को तीन वर्ष और बढ़ाया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि स्वयं सहायता समूह डेयरी व्यवसाय के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत हों और भविष्य में अपनी जमीन खरीदने में सक्षम बन सकें।

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गांव के लोगों को ही मिलेगा लाभ

नई नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल उसी गांव या ग्राम पंचायत के निवासी स्वयं सहायता समूह सदस्य इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा यदि किसी समूह के सदस्य या उसके परिवार के पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार 500 वर्ग गज या उससे अधिक जमीन पहले से है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।

डीसी की मंजूरी होगी जरूरी

ग्राम पंचायतों को जमीन लीज पर देने से पहले संबंधित उपायुक्त (डीसी) की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। लीज अवधि बढ़ाने का अधिकार भी डीसी के पास रहेगा। सरकार का मानना है कि इस नीति से गांवों में डेयरी आधारित रोजगार बढ़ेगा, महिलाओं की आय में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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