Haryana Budget Session : सरकार ने खत्म की पुरानी शर्तें, अब 5 किमी दूर बसी ढाणियों में भी होगी 24 घंटे बिजली आपूर्ति
सरकारी खर्चे पर हटेंगी घरों के ऊपर से तारें; शून्यकाल में चाइना डोरी, जलभराव, ओपीएस, नहरों, सड़कों सहित कई मुद्दे उठे
Haryana Assembly Budget Session : हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में तीसरे दिन का शून्यकाल सरकार और विपक्ष के बीच नहीं, बल्कि विधायकों और जनता की जमीनी समस्याओं के बीच असली मुकाबले का मैदान बन गया। एक-एक विधायक अपने हलकों की तकलीफें लेकर खड़े हुए। कहीं चाइना डोरी से होती मौतों पर चिंता जताई गई तो किसी ने जलभराव से प्रभावित लोगों का दर्द बयां किया।
1400 असिस्टेंट प्रोफेसरों के असुरक्षित भविष्य से लेकर स्टोन क्रशर की धूल में मरते लोगों की बात भी सदन में बड़ा मुद्दा बन गई। नहरों पर रास्तों, रेलवे लाइन, अंडरब्रिज, औद्योगिक प्रदूषण और मजदूरों की दिहाड़ी जैसे मुद्दों को लेकर विधायकों ने सरकार के सामने सवाल खड़े किए। इन सबके बीच नायब सरकार की कार्यशैली सबसे अलग दिखी, मुद्दा उठते ही जवाब और कई मामलों में तुरंत फैसला।
संबंधित विभागों के मंत्रियों ने विधायकों द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों का हाथों-हाथ जवाब देने की कोशिश की। मंत्रियों की चुस्ती भी चर्चाओं में रही। इसी तेज रफ्तार में ढाणियों को गांव से 5 किमी दूर तक 24×7 बिजली सप्लाई का बड़ा ऐलान हुआ। हाईटेंशन तार हटाने की स्वीकृति मिली और छायंसा में 21 मौतों की जांच पर अपडेट सामने आया।
अब दूर की ढाणियां होंगी रोशन
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि नायब सरकार ने ग्रामीण बिजली ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव का ऐलान किया है। अब गांव से 5 किलोमीटर दूर स्थित ढाणियों तक 24×7 बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। पहले यह सीमा सिर्फ 1 किलोमीटर थी। सबसे बड़ी राहत यह कि 11 घरों की जगह अब 11 व्यक्तियों को एक यूनिट माना जाएगा। लालडोरे के अंदर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें सरकार खुद हटाएगी, चाहे वे घर, स्कूल, अस्पताल या श्मशान के ऊपर से क्यों न गुजर रही हों। नांगल-चौधरी विधायक मंजू चौधरी ने ढाणियों की बिजली समस्या का मुद्दा बड़े भावात्मक अंदाज में उठाया था।
चाइना डोर पर हो सख्त कार्रवाई
नीलोखेड़ी विधायक भगवान दास कबीरपंथी ने कहा कि उनके हलके नीलोखेड़ी और आसपास के क्षेत्र में चाइना डोरी से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बच्चों से लेकर बाइक चालकों तक कोई सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस डोरी ने त्योहारों को मौत का त्योहार बना दिया है। इसकी बिक्री पर तुरंत प्रतिबंध और सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने नीलोखेड़ी–तरावड़ी–निसिंग बाईपास की मांग की ताकि भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक का दबाव कम हो।
असिस्टेंट प्रोफेसरों के मिले सुरक्षा
रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव ने संविदा और अस्थायी नियुक्तियों के आधार पर काम कर रहे 1400 एक्सटेंशन असिस्टेंट प्रोफेसरों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई इन शिक्षकों पर टिकी है, लेकिन खुद शिक्षकों का भविष्य अनिश्चित है। सरकार को इनके लिए स्थाई नीति लानी चाहिए। इसके साथ उन्होंने दो बड़े संस्थानों की मांग रखी। उन्होंने कह कि कृषि सदन का निर्माण हो ताकि किसानों को प्रशिक्षण, बैठकें और तकनीकी मार्गदर्शन मिल सके। इसी तरह रेवाड़ी में सैनिक सदन की मांग उन्होंने उठाई।
औद्योगिक सुधार पैकेज मिले
पानीपत सिटी विधायक प्रमोद विज ने कहा कि पानीपत की पहचान भले ही औद्योगिक शहर की है, लेकिन यहां अव्यवस्थित ट्रैफिक, औद्योगिक कचरा, प्रदूषण और बुनियादी ढांचे की कमी लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पानीपत के लिए विशेष औद्योगिक सुधार पैकेज लाया जाए।
कर्मचारियों को मिले ओपीएस लाभ
नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़ ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को बेहद धारदार अंदाज में रखा। उन्होंने जलभराव वाले गांवों में मुआवजा वितरण में भेदभाव के आराेप लगाए। उन्होंने कहा कि जहां फसलें बर्बाद हुईं, वहां मुआवजा सभी किसानों तक पहुंचे। गांवों में वर्षों से बंद पड़ी ड्रेनों की सफाई हो और नई ड्रेनों का निर्माण हो। उन्होंने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए 700 रुपये दिहाड़ी की जाए ताकि बढ़ती महंगाई में जीवन आसान हो सके।
बाढ़डा को बनाया जाए नगर पालिका
दादरी जिला के बाढ़डा को फिर से नगर पालिका का दर्जा देने की मांग उठी है। मनोहर सरकार में बाढ़डा गांव को नगर पालिका घोषित किया गया था। लेकिन बाद में इसे भंग करके फिर से ग्राम पंचायत बना दिया गया। विधायक उमेद पातूवास ने ग्रामीण अवसंरचना की ओर ध्यान खींचते हुए कहा कि जलभराव से प्रभावित किसानों को राहत मिले। कच्चे रास्तों को पक्का करने के लिए फंड जारी हो। गांव के बीच से गुजर रही खतरनाक हाईटेंशन लाइनों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान-पत्र की त्रुटियां को तुरंत दूर किया जाए।
पाई में बने कबड्डी नर्सरी
पुंडरी विधायक सतपाल जाम्बा ने कहा कि सरकार द्वारा स्कूलों में निर्माण कार्य शुरू होना स्वागत योग्य है, लेकिन अब पाई में कबड्डी नर्सरी की स्थापना की जाए। कैथल-कुरुक्षेत्र सड़क को फोर लेन किया जाए और कैथल–करनाल रेलवे लाइन का निर्माण हो। उन्होंने कह कि पुंडरी को सब-डिविजन बनाने की मांग बरसों से लंबित है, सरकार इसे पूरा करे।
गन्नौर में अंडरब्रिज जरूरी
गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान ने कहा कि पानीपत-सोनीपत-रोहतक नहर पर रास्ता बनने से गांवों का सीधा संपर्क मजबूत होगा और किसानों को बाजारों तक पहुंचने में बेहद सुविधा होगी। गन्नौर में अंडरब्रिज को भी आवश्यक बताते हुए बोले कि इससे क्षेत्र का ट्रैफिक दबाव काफी कम होगा।
स्टील फैक्टरी हादसा भी उठा
फरीदाबाद एनआईटी विधायक सतीश फागना ने हाल ही में हुई स्टील फैक्टरी आगजनी का मामला उठाया, जिसमें कई लोग मारे गए। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को न्याय दिलाना सरकार का कर्तव्य है। मुआवजा और इलाज तुरंत दिया जाए।
स्टोन क्रशर फैला रहे प्रदूषण
नांगल-चौधरी विधायक मंजू चौधरी ने कह कि उनके क्षेत्र में स्टोन क्रशरों की धूल की वजह से लोगों की जान तक चली जा रही है। उन्होंने एनजीटी मानकों का हवाला देते हुए कहा कि क्रशर तभी चलें, जब पर्यावरणीय मानक पूरे हों। इसी दौरान उन्होंने ढाणियों में बिजली का मुद्दा उठाया, जिस पर सरकार ने तुरंत फैसला सुनाया।
छायंसा में गई 21 लोगों की जान
हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल ने बताया कि छायंसा में 21 लोगों की मौत हो चुकी है, और यह बेहद गंभीर मामला है। अधिकतर मौतें लीवर फेल होने से हुईं। उन्होंने कहा कि इलाके में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है और गुरुग्राम ड्रेन का प्रदूषण भी इसका कारण हो सकता है। जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने बताया कि पानी के सैंपल तुरंत लिए गए थे। रिपोर्ट में गंदा पानी नहीं पाया गया। मौतों के कारणों की जांच जारी है।
अधिकारियों की गैर-मौजूदगी पर सवाल
शून्यकाल के दौरान अधिकारियों की गैलरी लगभग खाली थी। नूंह विधायक आफताब अहमद ने इसे मुद्दा बनाते हुए कहा कि मुद्दे तो हम उठा रहे हैं, लेकिन अधिकारी ही मौजूद नहीं। जवाब कौन देगा। कार्रवाई कैसे होगी। डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्णलाल मिड्ढा ने कहा कि अधिकारी ऊपर ऑफिसर गैलरी में मौजूद हैं और सब कुछ नोट कर रहे हैं।

