हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र : ओलंपियन विधायक बोलीं, तालाब में स्विमिंग की प्रैक्टिस कर रहे युवा
राम राय गांव का मुद्दा सदन में उठा, मंत्री से मुलाकात का समय भी मिला
जुलाना से कांग्रेस विधायक और ओलंपियन विनेश फोगाट ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान अपने क्षेत्र के खिलाड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने राम राय गांव का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां करीब 250 युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैराक हैं, लेकिन अभ्यास के लिए स्विमिंग पूल नहीं है। सरकार को यहां स्विमिंग पूल का निर्माण करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि गांव के युवा तालाब में प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं। तालाब का पानी गंदा और प्रदूषित है, जिससे खिलाड़ियों में त्वचा से जुड़ी बीमारियां फैल रही हैं। खेल मंत्री गौरव गौतम को चुनौती देते हुए फोगाट ने कहा कि वे एक बार इस तालाब में तैरकर देखें। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री को कुछ नहीं हुआ तो वे सदन छोड़ देंगी। फोगाट ने कहा कि वह स्वयं खिलाड़ी रही हैं और खिलाड़ियों की समस्याओं को समझती हैं।
इस पर खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि राम राय गांव से लगभग 12 किलोमीटर दूर जींद के एकलव्य स्टेडियम में ओलंपिक आकार का स्विमिंग पूल उपलब्ध है, जहां खिलाड़ी अभ्यास कर सकते हैं। फोगाट ने जवाब दिया कि उक्त स्विमिंग पूल निजी एजेंसी को ठेके पर दिया गया है और ठेकेदार खिलाड़ियों से पैसे की मांग करता है। स्पीकर के हस्तक्षेप के बाद मंत्री ने कहा कि यदि इस संबंध में कोई प्रस्ताव आता है तो सरकार उस पर विचार करेगी।
फोगाट ने यह भी कहा कि गांव के लोगों ने स्विमिंग पूल निर्माण के लिए दो एकड़ भूमि दान दी है, इसके बावजूद सरकार निर्माण नहीं करा रही। उन्होंने मिशन ओलंपिक 2036 पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना बुनियादी सुविधाओं के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कैसे करेंगे।
फोन नहीं उठाने का आरोप, मंत्री ने दिया चाय पर आमंत्रण
स्पीकर हरविंद्र कल्याण के हस्तक्षेप के बाद जब खेल मंत्री ने विधायक से प्रस्ताव देने को कहा तो फोगाट ने आरोप लगाया कि मंत्री न तो मिलते हैं और न ही फोन उठाते हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि उनसे रोज हजारों लोग मिलते हैं। फोगाट ने तुरंत जवाब दिया कि उन हजारों में उनका नाम शामिल नहीं है। इस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई। स्पीकर ने कहा कि मंत्री विधायक को बुलाकर चाय पिलाएं। इसके बाद मंत्री ने सदन में ही फोगाट को चाय पर आमंत्रित किया।
ज्योतिसर में फिलहाल स्टेडियम का प्रस्ताव नहीं
थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने ज्योतिसर और किरमच गांव में खेल स्टेडियम बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को अवसर मिलेगा और युवा नशे से दूर रहेंगे।
खेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार के पास इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में पहले से पर्याप्त खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश के खेल मैदानों को सुदृढ़ करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को 114 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और दो महीने में कार्य पूरे होने की उम्मीद है।
मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 3 प्रदेश स्तरीय, 21 जिला स्तरीय, 25 उपमंडल स्तरीय और 163 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर मौजूद हैं। इसके अलावा 245 मिनी ग्रामीण स्टेडियम, 10 स्विमिंग पूल, 9 बहुउद्देश्यीय हॉल, 11 सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, 14 हॉकी एस्ट्रोटर्फ और 2 फुटबॉल सिंथेटिक सर्फेस उपलब्ध हैं।

