Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

नूंह में अरावली पहाड़ियों में रात के अंधेरे में डंप हो रहा कचरा, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज का वेस्ट चोरी-छिपे फेंकने का आरोप; बदबू और प्रदूषण से परेशान ग्रामीण, वन विभाग ने जांच का दिया भरोसा

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

नूंह में तावडू और गुरुग्राम सीमा से सटी अरावली पहाड़ी में वेस्ट और कचरा फेंकने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। रात के अंधेरे में भारी मात्रा में बदबूदार कचरा और वेस्ट मटेरियल पहाड़ियों में फेंका जा रहा है, जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है और स्थानीय लोग बदबू से परेशान हैं।

ग्राम चाहल्का के ग्रामीणों के मुताबिक नूंह और गुरुग्राम की सीमा पर लगती अरावली पहाड़ियों में रोजाना रात के अंधेरे में गाड़ियां आती हैं और कचरा खाली करके चली जाती हैं। इस कचरे में प्लास्टिक, गंदगी और अन्य वेस्ट शामिल है, जो वन्य जीवों के लिए बेहद नुकसानदायक है।

Advertisement

जब मामला सुर्खियों में आता है तो आरोपी इसे रात में ही जला देते हैं, जिससे प्रदूषण और भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तावडू-सोहना रोड पर बड़ी संख्या में वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज बन गए हैं। इनका वेस्ट जिनका सही तरीके से निस्तारण होना चाहिए, उसे चोरी-छिपे यहां लाकर फेंका जा रहा है। ठेका और फीस सरकार से निस्तारण के नाम पर ली जाती है, लेकिन असल में कचरे को अरावली में डंप किया जा रहा है। जिस रास्ते से गाड़ियां आती हैं, वहां कुछ लोगों के सीसीटीवी भी लगे हैं, लेकिन मिलीभगत के चलते कोई रोकटोक नहीं हो रही है।

Advertisement

यह क्षेत्र गुरुग्राम और नूंह वन मंडल की सीमा के अधीन आता है, इसलिए कई बार दोनों मंडल एक-दूसरे के क्षेत्र की बात कहकर मामला टाल देते हैं। इससे पहले भी अरावली के खोरी कला, छारोडा और केएमपी एक्सप्रेस-वे के साथ लगते पहाड़ी क्षेत्र में लगातार कचरा फेंकने के मामले सामने आ चुके हैं।

भिवाड़ी और नूंह क्षेत्र में भी ऐसे मामलों में पुलिस और वन विभाग को मुकदमा दर्ज करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस संबंध में वन क्षेत्र के रेंज अधिकारी देव कुमार का कहना है कि वन विभाग की टीम जानकारी जुटाने में लगी है। जल्द ही पता लगाकर यदि यह उनके क्षेत्र में पाया गया तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि वेयरहाउसों की जांच कर इस पर सख्त निगरानी रखी जाए।

Advertisement
×