पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा बोले- नौकरी देने का नहीं, नौकरी छीनने का निगम बन चुका है HKRN
पूर्व CM ने कर्मचारियों को नियमित करने और हरियाणा कौशल रोजगार निगम बंद करने की मांग की; SIR पर मुख्य चुनाव आयुक्त से समय बढ़ाने की मांग का भी किया जिक्र
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कौशल रोजगार निगम अब नौकरी देने का नहीं, बल्कि नौकरी छीनने का निगम बन चुका है। हुड्डा ने निगम के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने और हरियाणा कौशल रोजगार निगम को बंद करने की मांग की।
हुड्डा ने पत्रकारवार्ता में कहा कि कांग्रेस ने बुधवार को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के बाहर प्रदर्शन किया था। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में पहुंचे और उन्होंने इसे जनता का जबरदस्त समर्थन बताया।
‘युवाओं को दिहाड़ीदार बनाना बंद करे सरकार’
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान में दिए गए मानवाधिकारों के नियमों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि कौशल रोजगार निगम के कर्मचारी कम वेतन पर वही काम कर रहे हैं, जो नियमित सरकारी कर्मचारी अधिक वेतन पर करते हैं।
हुड्डा ने कहा कि HKRN कर्मचारियों को न तो पेंशन की सुविधा मिलती है और न ही नियमित कर्मचारियों की तरह छुट्टियां। उन्होंने मांग की कि निगम के तहत काम कर रहे सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं को दिहाड़ीदार बनाना बंद किया जाए।’’ हुड्डा के मुताबिक सरकार को कर्मचारियों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए।
चंडीगढ़ से अहम प्रैस वार्ता Livehttps://t.co/8hY8NRy8sK
— Bhupinder Singh Hooda (@BhupinderShooda) August 20, 2026
‘HKRN एम्प्लायर नहीं, कमीशन लेकर काम करता है’
हुड्डा ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि HKRN वास्तविक एम्प्लायर नहीं है, बल्कि कमीशन लेकर कर्मचारियों को उपलब्ध कराने का काम करता है। उन्होंने सरकार से निगम की व्यवस्था खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों को सीधे नियमित रोजगार देना चाहिए और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
SIR पर समय बढ़ाने की मांग
हुड्डा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर समय बढ़ाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि कई लोगों को नोटिस देर से मिले हैं, जिसके कारण उन्हें जवाब देने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा। ऐसे में SIR की समय-सीमा बढ़ाई जानी चाहिए।

