Financial Advisory: रक्षा लेखा विभाग में समयबद्धता-जवाबदेही पर जोर, पीसीडीए बोले- देरी और टाली जा सकने वाली आपत्तियों से बचें
आंतरिक ऑडिट का मकसद कमियां पकड़ना ही नहीं, व्यवस्था को मजबूत करना
रक्षा लेखा विभाग के कामकाज में भुगतान, लेखा-जोखा, वित्तीय सलाह और आंतरिक ऑडिट की प्रक्रियाओं में समयबद्धता और सटीकता पर जोर दिया गया है। प्रधान नियंत्रक रक्षा लेखा (पश्चिमी कमान) कंवलदीप सिंह ने कहा कि भुगतान में अनावश्यक देरी और टाली जा सकने वाली आपत्तियों से सरकार, वेंडरों और संबंधित व्यक्तियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
उन्होंने कहा कि विभाग के वित्तीय कामकाज का सीधा संबंध सशस्त्र बलों की तैयारी और प्रभावशीलता से है। रक्षा मंत्रालय के रक्षा लेखा विभाग के 279वें वार्षिक दिवस पर बुधवार को चंडीगढ़ स्थित मेघदूत हॉल में आयोजित समारोह में पीसीडीए ने अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय जिम्मेदारियों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कंवलदीप सिंह ने कहा कि सटीक लेखा-जोखा बेहतर बजट तैयार करने, फंड का उचित आवंटन करने और वित्तीय फैसले लेने के लिए जरूरी है।
उन्होंने भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग का काम केवल वित्तीय प्रक्रिया पूरी करना नहीं है। भुगतान, लेखा-जोखा और वित्तीय सलाह समेत प्रत्येक कार्य सशस्त्र बलों की तैयारियों में योगदान देता है। पीसीडीए ने आंतरिक ऑडिट की भूमिका को लेकर कहा कि इसका उद्देश्य केवल गलतियों और कमियों की पहचान करना नहीं होना चाहिए। ऑडिट के जरिए आंतरिक नियंत्रण और प्रक्रियाओं को मजबूत करने में प्रबंधन की मदद होनी चाहिए, ताकि सामने आई कमियां दोबारा न हों।
हर निर्णय के पीछे नियम और तथ्य जरूरी
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक निर्णय लागू नियमों, सौंपे गए अधिकार और तथ्यों के आधार पर लिया जाना चाहिए। अधिकारियों को अपने निर्णयों का आधार स्पष्ट करने के लिए तैयार रहना चाहिए। कर्मचारियों से ईमानदारी, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान
समारोह में सराहनीय कार्य, स्वच्छता, खेल और मनोरंजक गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार और प्रशंसा प्रमाण पत्र दिए गए। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उपविजेताओं को ट्रॉफियां भी प्रदान की गईं। कार्यक्रम में नृत्य, सेमी-क्लासिकल और अन्य संगीत प्रस्तुतियां, देशभक्ति व पंजाबी गीत, एकल गायन, नाटक, एकल कलात्मक प्रस्तुति और स्वरचित कविता प्रस्तुत की गई। विशेष मंच प्रस्तुति और भांगड़े ने भी कार्यक्रम में उत्साह बढ़ाया।

