किसानों की चौपाल बनी मंत्री का दफ्तर: श्रुति चौधरी ने मौके पर बुलाए अफसर, नहरी पानी पर मांगा जवाब
बालसमंद समेत 10 गांवों के प्रतिनिधियों ने रखी समस्याएं, सिंचाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश
किसानों की समस्याओं को फाइलों में नहीं, बल्कि सीधे संवाद के जरिए हल करने की पहल करते हुए हरियाणा की सिंचाई एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने बुधवार को एक अनूठा संदेश दिया। हिसार जिले के बालसमंद सहित करीब 10 गांवों की पंचायतों और किसान प्रतिनिधियों ने चंडीगढ़ पहुंचकर क्षेत्र की सिंचाई और जनहित से जुड़ी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं।
किसानों की बात सुनने के बाद मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को बैठक में बुला लिया और किसान प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद करवाया। श्रुति चौधरी ने किसान प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी मांगों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री के इस त्वरित हस्तक्षेप पर किसान प्रतिनिधियों ने आभार जताते हुए सरकार के सकारात्मक और संवेदनशील रवैये की सराहना की।
नहरी पानी बना प्रमुख मुद्दा, किसानों ने रखी जमीनी हकीकत
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से नहरी पानी की उपलब्धता, जल वितरण व्यवस्था की खामियों और कृषि कार्यों को प्रभावित कर रही अन्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। किसानों ने बताया कि कई क्षेत्रों में पर्याप्त सिंचाई जल नहीं पहुंच पा रहा, जिससे फसलों और खेती-किसानी पर असर पड़ रहा है। किसानों ने स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों और अपनी मांगों को विस्तार से अधिकारियों के समक्ष रखा। इस दौरान सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता (ईआईसी), मुख्य अभियंता तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
‘किसानों की शिकायतों का हो प्राथमिकता से समाधान’
श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसान प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रत्येक मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए और नहरी जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई जल की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और जहां भी समस्याएं हैं, उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सरकार की प्राथमिकता किसान और खेती
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचे और किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधन समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का संवेदनशीलता और तत्परता से निपटारा करने के निर्देश देते हुए कहा कि कृषि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।

