Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Grand Independence Day Sale
search-icon-img
Advertisement

Fake FD Scam : 504 करोड़ घोटाले में दो और गिरफ्तारी, अब बैंक अफसरों तक पहुंची CBI

आईएएस, आईएफएस समेत कई अफसर पहले ही पहुंच चुके हैं सीबीआई के रडार पर, फर्जी एफडी के जरिए सरकारी धन डायवर्ट करने में भूमिका के आरोप

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
फाइल फोटो
Advertisement

Fake FD Scam : हरियाणा के 504 करोड़ रुपए के बहुचर्चित बैंक घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। वरिष्ठ आईएएस, आईएफएस अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद मंगलवार को एजेंसी ने दो और बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तत्कालीन एरिया हेड शमीम डार और मोहाली स्थित एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक चरणजीत सिंह रंधावा पर सरकारी विभागों के धन को फर्जी बैंकिंग लेनदेन के जरिये डायवर्ट करने में भूमिका निभाने के आरोप हैं। दोनों को विशेष सीबीआई अदालत, पंचकूला में पेश किया गया। लगातार हो रही गिरफ्तारियां संकेत दे रही हैं कि जांच अब घोटाले की पूरी वित्तीय श्रृंखला को खंगालने पर केंद्रित है।

Advertisement

अफसरों के बाद बैंकिंग कड़ी पर फोकस

सीबीआई इस मामले में पहले ही हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल, आईएएस आरके सिंह, हरियाणा कैडर के आईएफएस अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव सहित कई सरकारी अधिकारियों, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ताजा कार्रवाई से साफ है कि एजेंसी अब उन बैंक अधिकारियों की भूमिका पर फोकस कर रही है, जिनके माध्यम से कथित तौर पर सरकारी धन को बैंकिंग प्रणाली से बाहर निकालकर दूसरे खातों और संस्थाओं तक पहुंचाया गया।

Advertisement

आठ विभागों के 504 करोड़ रुपये बने निशाना

जांच के अनुसार चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा से हरियाणा सरकार के आठ विभागों की अतिरिक्त धनराशि को फर्जी अथवा अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट के जरिये निवेशित दिखाया गया। बाद में यही रकम विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से शेल कंपनियों तक पहुंचाई गई। सीबीआई का आरोप है कि गिरफ्तार दोनों बैंक अधिकारियों ने संदिग्ध खाते खुलवाने और वित्तीय लेनदेन को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाई।

चार्जशीट के बाद भी थमी नहीं जांच

एजेंसी अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोकसेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं। हालांकि सीबीआई का मानना है कि धन के प्रवाह, लाभार्थियों और साजिश की पूरी श्रृंखला की जांच अभी बाकी है। इसी वजह से जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

तीन मामलों की जांच संभाल रही सीबीआई

हरियाणा सरकार के अनुरोध पर यह मामला राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से सीबीआई को सौंपा गया था। एजेंसी इस बैंक घोटाले के अलावा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट से जुड़े मामलों की भी जांच कर रही है। दोनों मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। बैंक घोटाले में लगातार हो रही कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में जांच की जद में और नए नाम भी आ सकते हैं।

Advertisement
×