बिजली निगम का 2.50 लाख का एस्टीमेट, उपभोक्ता ने मांगे 15 साल पुराने अनुमति दस्तावेज
घर के ऊपर से गुजरती 11 केवी लाइन विवाद
गांव गंगा में रिहायशी मकान के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाई वोल्टेज बिजली लाइन को हटाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बिजली निगम द्वारा लाइन हटाने के लिए करीब 2.50 लाख रुपये का एस्टीमेट जारी किया हुआ है, वहीं] उपभोक्ता ने अब 15 साल पुरानी अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांग लिए हैं।
गांव गंगा वासी जगदीश शर्मा काफी समय से अपने मकान की छत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी लाइन हटवाने की मांग कर रहे हैं। मुन्नावाली रोड पर स्थित उनके मकान के ऊपर से गुजरती यह लाइन बरसात में करंट का खतरा पैदा करती है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। उनके द्वारा कई बार सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज करवाई जा चुकी है। बिजली निगम ने एसआरएस एसओसीसी 78/2023-24 के तहत लाइन हटाने के लिए 2,50,850 रुपये का डिपॉजिट एस्टीमेट जारी किया है।
दक्षिण हरियाणा बिजली निगम डबवाली मंडल के कार्यकारी अभियंता द्वारा जारी ऑर्डर संख्या 93 दिनांक 5 जनवरी, 2026 में बताया गया है कि संबंधित 11 केवी लाइन करीब 15 वर्ष पुरानी है और लाइन पहले से मौजूद थी, जबकि मकान बाद में बनाया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि मकान गांव की फिरनी (लाल डोरा) से बाहर स्थित है, इसलिए सरकारी खर्च पर लाइन हटाना संभव नहीं है। निगम के अनुसार लाइन हटवाने का खर्च उपभोक्ता को ही वहन करना होगा।
एस्टीमेट राशि जमा कराने में असमर्थता जताते हुए जगदीश शर्मा ने निगम को जवाबी पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने पूछा है कि 15 वर्ष पहले उनके खेत से 11 केवी लाइन निकालने की अनुमति किस अधिकारी से और किन दस्तावेजों के आधार पर ली गई थी। उन्होंने संबंधित सभी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

