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शहरों-गांवों में पेयजल, सीवरेज नेटवर्क होगा मजबूत

जलापूर्ति-सीवरेज की 2534 करोड़ की परियोजनाएं मंजूर

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प्रदेश सरकार ने पेयजल, सीवरेज और बरसाती जल निकासी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026-27 में 2534.39 करोड़ रुपये की लागत से 712 नयी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जलापूर्ति नेटवर्क का विस्तार, सीवरेज व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण तथा बरसाती जल निकासी प्रणाली में सुधार किया जाएगा। पब्लिक हेल्थ मंत्री रणबीर सिंह गंगवा का कहना है कि इससे प्रदेश के लाखों लोगों को बेहतर पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

मंगलवार को उनकी अध्यक्षता में हुई हरियाणा जलापूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (डब्ल्यूएसएसबी) की 59वीं बैठक में इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। शहरी क्षेत्रों में 603.32 करोड़ रुपये की लागत से 69 जलापूर्ति परियोजनाएं मंजूर हुई हैं। इनमें बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र प्रमुख हैं। इसके अलावा, 526.49 करोड़ रुपये की लागत से 18 सीवरेज परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें जगाधरी और रोहतक भी शामिल हैं। ऐलनाबाद और बवानीखेड़ा में 19.11 करोड़ रुपये से बरसाती जल निकासी की दो परियोजनाएं भी स्वीकृत की गई हैं।

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ग्रामीण क्षेत्रों में 603 जल योजनाओं पर जोर

ग्रामीण क्षेत्रों में 1108.28 करोड़ रुपये की लागत से 603 नयी जलापूर्ति संवर्धन एवं सुधार योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनके तहत नये नलकूप, नहर आधारित जलघर, बूस्टिंग स्टेशन, नयी पाइपलाइन बिछाने और पुरानी पाइपलाइन बदलने जैसे कार्य किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है।

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महाग्राम परियोजनाओं को भी मिली स्वीकृति

ग्रामीण सीवरेज व्यवस्था के विस्तार के लिए 203.58 करोड़ रुपये की लागत से 13 महाग्राम सीवरेज परियोजनाएं तथा 71.58 करोड़ रुपये की लागत से तीन महाग्राम जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें उज्जीना, बबाइन तथा रामसरण माजरा, उमरी और टिकली समूह के गांव शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीण बस्तियों में पेयजल आपूर्ति और विभागीय संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए भी अलग से राशि स्वीकृत की गई है।

93 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में जल कनेक्शन का लक्ष्य

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, विभागीय प्रतिष्ठानों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और जल शुल्क संग्रहण में सुधार के निर्देश दिए हैं। साथ ही, 31 मार्च 2027 तक शहरी जल कनेक्शन कवरेज को 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 93 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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