Rajya Sabha Cross Voting : कांग्रेस अनुशासनहीन पार्टी, राज्यसभा चुनाव में नहीं बचा पाई साख : ओपी धनखड़
भाजपा के राष्ट्रीच सचिव ओमप्रकाश धनखड़ का कांग्रेस पर सियासी वार
Rajya Sabha Cross Voting : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने बुधवार को कांग्रेस पर तीखा सियासी हमला बोला। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को आधार बनाते हुए कांग्रेस को एक 'अनुशासनहीन' पार्टी करार दिया। झज्जर के रईया गांव में बागवानी रीजनल सेंटर का शुभारंभ करने पहुंचे धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस हरियाणा में अपनी साख बचाने में पूरी तरह विफल रही है और उसके भीतर का बिखराव अब जनता के सामने है।
धनखड़ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान जिस तरह से क्रॉस वोटिंग हुई, उसने कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और अनुशासन के अभाव को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज हर तरफ से लांछन और आंतरिक कलह से घिरी हुई है। धनखड़ के अनुसार, जो पार्टी अपने विधायकों में अनुशासन कायम नहीं रख सकती, वह प्रदेश की जनता का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि इस घटनाक्रम से कांग्रेस की विश्वसनीयता को गहरा धक्का लगा है।
किसानों के लिए 'गेम चेंजर' बनेगा बागवानी केंद्र
राजनीतिक प्रहारों के बाद धनखड़ ने क्षेत्र के विकास पर चर्चा की। रईया गांव में बागवानी रीजनल सेंटर का उद्घाटन करते हुए उन्होंने इसे क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी सौगात बताया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र पारंपरिक खेती के स्वरूप को बदलने में मील का पत्थर साबित होगा। धनखड़ ने भरोसा जताया कि आधुनिक बागवानी तकनीकों के माध्यम से किसानों की आमदनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
वैज्ञानिक खेती और मृदा परीक्षण पर जोर
इस अवसर पर करनाल स्थित महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा भी मौजूद रहे। उन्होंने तकनीकी पहलुओं पर जानकारी देते हुए कहा कि इस सेंटर का सीधा लाभ खेत और किसान दोनों को मिलेगा। डॉ. मल्होत्रा ने किसानों से अपील की कि वे बिना मिट्टी की जांच कराए बागवानी न करें। उन्होंने कहा कि सही फसल के चुनाव के लिए मृदा परीक्षण अनिवार्य है।
कुलपति ने किसानों को चेतावनी देते हुए कहा कि रासायनिक कीटनाशकों (पेस्टिसाइड) का अत्यधिक प्रयोग जमीन और स्वास्थ्य दोनों के लिए घातक है। उन्होंने संतुलित और वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में पर्यावरण के साथ-साथ मुनाफे का भी संतुलन बना रहे।

