यमुना सुधार समिति के बैनर तले पानीपत जिला के दर्जनों गांव के ग्रामीणों, बार एसोसिएशन, विभिन्न संगठनों और श्रद्धालुओं ने रविवार को हरिद्वार हाईवे स्थित सनौली यमुना पुल बॉर्डर के पास यमुना-गंगा संगम घाट बनाने की मांग को लेकर पैदल मार्च निकाला और महापंचायत की। पैदल मार्च गांव रामडा आर के सामने से शुरू हुआ और यमुना का पुल पार कर यूपी की तरफ पहुंचा। वहां से वापस यमुना पुल से होते हुए पानीपत के यमुना पुलिस नाका के पास संपन्न हुआ।
यमुना सुधार समिति के प्रदेशाध्यक्ष रतन सिंह रावल ने कहा कि महाकुंभ में गंगा-यमुना संगम प्रयागराज में करोड़ों श्रद्धालु जाते हैं। एक ऐसा ही संगम स्थल यूपी के शामली के गांव गंदेवडा में बनाया गया है। वहां अब अमावस्या, पूर्णिमा, गंगा दशहरा व कुंभ आदि पर स्नान करने वालों की भीड़ लगती है। गंदेवडा से गंगा का पानी पानीपत में यमुना पुल तक लाकर संगम स्थल बन सकता है। यूपी के सहारनपुर से गंदेवडा के पास से होकर एक बरसाती नदी यमुना पुल तक आती है, इसी से गंगा का पानी यमुना पुल तक आ सकता है। इसमें हरियाणा, राजस्थान व पश्चिमी यूपी के श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे और उनको हरिद्वार या प्रयागराज जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस दौरान पानीपत बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र दूहन, पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर, एसपी अरोड़ा, संजय त्यागी सरपंच, प्रदीप कश्यप सरपंच, नरसिंह रावल, गोविंद, दलबीर रंगा सरपंच, पप्पू रावल, सुरेंद्र शर्मा, विपिन पांचाल, रामदास, सुंदर रावल, रोशन छौक्कर एडवोकेट, जितेंद्र रावल, आजिम खान समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

