भंडारण में उतरेंगी सहकारी समितियां, CM पैक्स से होगी शुरुआत; चीनी मिलों के घाटे पर काबू को बनेगी समन्वय समिति
पानीपत के एथनॉल प्लांट को लेकर सहकारिता मंत्री ने दिए निर्देश
केंद्र सरकार की नई सहकारिता नीति को जमीन पर उतारने की दिशा में हरियाणा ने कदम तेज कर दिए हैं। ‘सहकार से समृद्धि’ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के ‘संग चलें, संग बढ़ें’ मंत्र के अनुरूप अब प्रदेश की सहकारी समितियां अनाज भंडारण क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इसकी शुरूआत सीएम पैक्स (कॉमन सर्विस सेंटर आधारित पैक्स) से की जाएगी।
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बुधवार को चंडीगढ़ में विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार सहित सभी प्रमुख सहकारी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। सहकारिता मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने हरियाणा में अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए हैफेड को नोडल एजेंसी बनाया है। इसके तहत प्रदेश में 10 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता के गोदाम बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
अब तक हैफेड द्वारा 3.35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 1.38 लाख मीट्रिक टन क्षमता के प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति को भेजे गए हैं। आत्मनिर्भर भारत-विकसित भारत के संकल्प में सहकारी समितियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रदेश में पंजीकृत सभी सीएम पैक्सों को अनाज भंडारण से जोड़ने की संभावना तलाशी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पैक्सों को इस अवसर की जानकारी देकर उन्हें व्यावहारिक रूप से तैयार किया जाए।
चीनी मिलों के घाटे पर फोकस
बैठक में सहकारी चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति भी प्रमुख मुद्दा रही। सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट कहा कि घाटे में चल रही सहकारी चीनी मिलों को उबारना प्राथमिकता है। इसके लिए सहकारी चीनी मिल संघ को एक विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने समन्वय समिति गठित करने को कहा, जो प्रदेश की सभी सहकारी चीनी मिलों का निरीक्षण कर घाटे के कारणों और समाधान पर विस्तृत रिपोर्ट देगी।
गन्ना किसानों की लेबर समस्या पर समाधान
कैबिनेट मंत्री ने गन्ना उत्पादक किसानों के सामने आ रही मजदूरों की कमी की समस्या का भी संज्ञान लिया। उन्होंने कृषि विभाग के साथ समन्वय कर हार्वेस्टिंग मशीनों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों की निर्भरता मजदूरों पर कम हो सके। सहकारिता मंत्री ने पानीपत में 200 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित एथनॉल प्लांट की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य सहकारी चीनी मिलों में भी एथनॉल प्लांट स्थापित करने की संभावनाओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। माना जा रहा है कि इससे चीनी मिलों की आय बढ़ेगी और घाटे में कमी आएगी।
सीएम व बजट घोषणाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान सहकारिता विभाग से जुड़ी मुख्यमंत्री की घोषणाओं और बजट घोषणाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घोषणाओं को तय समयसीमा में धरातल पर उतारा जाए। हैफेड के एमडी मुकुल कुमार, डेयरी फेडरेशन के एमडी रोहित यादव, हरको बैंक के एमडी डॉ़ प्रफुल्ला रंजन, हरकोफेड के एमडी नरेश गोयल, लेबरफेड के एमडी वीरेंद्र दहिया और हाउसफेड के एमडी योगेश शर्मा मौजूद रहे।

