Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

केंद्र कर रहा हरियाणा के हितों पर कुठराघात : दीपेंद्र हुड्डा

कहा-प्रदेश सरकार बनी मूकदर्शक, कांग्रेस सड़क से संसद तक लड़ेगी हक की लड़ाई

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
चंडीगढ़ में मंगलवार को पत्रकार वार्ता करते सांसद दीपेंद्र हुड्डा व अन्य। -ट्रिन्यू
Advertisement

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्र सरकार पर हरियाणा के संवैधानिक, आर्थिक और प्रशासनिक हितों पर सुनियोजित कुठराघात का आरोप लगाते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार को गूंगी करार दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी और हरियाणा के हकों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।

मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्र और प्रदेश सरकार को खेल, बजट, नौकरियों, मनरेगा, किसानों, बाढ़ राहत, पानी और राजधानी जैसे मुद्दों पर घेरा। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के तीन सांसद और 24 विधायक मौजूद रहे, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि पार्टी इन मुद्दों पर सामूहिक और आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।

Advertisement

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा वह राज्य है जिसने कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और ओलंपिक में देश को लगभग 50 प्रतिशत पदक दिलाए हैं। पिछले चार ओलंपिक में भारत को मिले कुल पदकों में आधे से अधिक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते, जबकि पिछली ओलंपिक टीम में करीब 25 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से थे। इसके बावजूद, जब भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 और ओलंपिक-2036 की मेजबानी का अवसर मिला, तो केंद्र सरकार ने हरियाणा को पूरी तरह नजरअंदाज कर गुजरात को आगे कर दिया।

Advertisement

उन्होंने मांग की कि हरियाणा को कम से कम सह-मेजबान बनाया जाए, ताकि खेलों से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और अवसर प्रदेश को मिल सकें। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 के लिए लाखों करोड़ का निवेश अब अहमदाबाद में होगा। अगर यही निवेश हरियाणा में होता तो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलतीं।

‘खेलो इंडिया’ में भी भेदभाव : हुड्डा ने ‘खेलो इंडिया’ योजना में बजट आवंटन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ₹3500 करोड़ के कुल बजट में गुजरात को ₹600 करोड़ दिए गए, जबकि सबसे ज्यादा मेडल लाने वाले हरियाणा को केवल ₹80 करोड़ मिले, जो देश के 28 राज्यों में सबसे कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान बने 481 खेल स्टेडियम, राजीव गांधी खेल स्टेडियम और कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं आज उपेक्षा का शिकार हैं और रखरखाव के अभाव में खिलाड़ियों के लिए जोखिम बनती जा रही हैं। दीपेंद्र ने कहा कि हरियाणा देश में सबसे ज्यादा जीएसटी और टोल वसूली देने वाले राज्यों में है, लेकिन बजट आवंटन के मामले में उसे सबसे कम हिस्सा मिलता है।

Advertisement
×