पत्थर के बैरिकेड से टकराई कार, एमबीबीएस के 3 छात्र जिंदा जले

सोनीपत में नेशनल हाईवे पर देर रात हादसा

पत्थर के बैरिकेड से टकराई कार, एमबीबीएस के 3 छात्र जिंदा जले

सोनीपत में राई के पास हादसे में जली कार को देखकर इसकी विभीषिका का अंदाजा लगा सकते हैं। -हप्र

सोनीपत, 23 जून (हप्र)

सोनीपत में राई गांव के पास बुधवार देर रात एनएच-334बी पर एक तेज रफ्तार कार सड़क के बीचो-बीच रखे पत्थर के बैरिकेड से टकरा गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि कार में आग लग गई और उसमें सवार एमबीबीएस के तीन छात्रों की जिंदा जलने से मौत हो गई। तीन अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को कार से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। अग्निशमन विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया, जिसके बाद तीन छात्रों के शव कार से निकाले गये। शव बुरी तरह जल चुके थे। पुलिस ने सामान्य अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम कराया।

राई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार के अनुसार, हादसे में मारे गये छात्र रोहित गौरिया (22) के पिता जय सिंह की शिकायत पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारी आनंद दहिया और निर्माण कंपनी के मालिक पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

रोहतक से हरिद्वार के लिए निकले थे : गुरुग्राम के सेक्टर-57 निवासी जय सिंह ने राई थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा रोहित पीजीआई रोहतक में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र था और हॉस्टल में रहता था। बुधवार देर रात वह अपने साथी नारनौल के पुलकित (23), नरवीर यादव, रेवाड़ी के संदेश (21), झज्जर के सोमवीर और रोहतक के अंकित हुड्डा के साथ आई-20 कार में हरिद्वार जाने के लिए निकला था। देर रात करीब 2 बजे गांव राई के पास हाईवे के फ्लाईओवर से पहले रास्ता बंद करने के लिए रखे गए भारी पत्थर के बैरिकेड से उनकी कार टकरा गई और उसमें आग लग गई। कार के अंदर ही जिंदा जलने से रोहित, पुलकित और संदेश की मौत हो गई। वहीं नरवीर, अंकित हुड्डा और सोमवीर गंभीर रूप से घायल हो गए।

रोहित, पुलकित, संदेश

‘न रिफ्लेक्टर, न ब्लिंकर... लापरवाही ने छीना बेटा’

रोहित के पिता जय सिंह का आरोप है कि हाईवे के बीचो-बीच रखे भारी पत्थर के बैरिकेड के चलते हादसा हुआ। पत्थरों पर एनएचएआई की तरफ से कोई रिफ्लेक्टर, पेंट, चिह्न, रोड डाइवर्जन व ब्लिंकर लाइट जैसा कोई भी सुरक्षा इंतजाम नहीं किया गया था। उन्हाेंने कहा कि एनएचएआई और लंबे समय से इन हाईवे पर काम कर रही गावड़ कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही से उनके बेटे सहित तीन छात्रों की जान गई है।

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