AYUSH Ministry : 500 से ज्यादा मरीज रोज पहुंच रहे एनआईए पंचकूला, सीसीआरएएस महानिदेशक ने परखी व्यवस्थाएं
ओपीडी से पंचकर्म और अत्याधुनिक प्रयोगशाला तक किया निरीक्षण, छात्रावासों का भी लिया जायजा
AYUSH Ministry : राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीजों को मिल रही आयुर्वेदिक उपचार सुविधाओं और संस्थान की चिकित्सा एवं शोध व्यवस्था का शुक्रवार को केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) के महानिदेशक प्रो. वैद्य रबीनारायण आचार्य ने जायजा लिया। उन्होंने संस्थान के विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर चिकित्सकों और शिक्षकों से संवाद किया तथा आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान को और सशक्त बनाने पर जोर दिया।
संस्थान के डीन प्रो. गुलाब चंद पमनानी ने महानिदेशक का स्वागत करते हुए उन्हें पंजीकरण इकाई, पंचकर्म विभाग, बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी), फार्मेसी और अत्याधुनिक केंद्रीय प्रयोगशाला का दौरा कराया। इसके अलावा उन्होंने इंटरनेशनल हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल और बॉयज हॉस्टल की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक प्रो. काशीनाथ समगंडी, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के द्रव्यगुण विभागाध्यक्ष प्रो. सुदिप्त रथ, डीन इंचार्ज प्रो. सतीश गंधर्व, प्रो. प्रह्लाद रघु, डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष पमनानी, डॉ. अनुराग कुशल, डॉ. सुनीता यादव, मेडिकल ऑफिसर डॉ. मानसी ग्रेवाल तथा एडीओ सतपाल एसवाल भी मौजूद रहे।
कई राज्यों से पहुंच रहे मरीज
प्रो. गुलाब चंद पमनानी ने बताया कि संस्थान में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज ओपीडी के माध्यम से उपचार और परामर्श ले रहे हैं। पंचकर्म सहित विभिन्न विशिष्ट आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं के साथ मरीजों को अत्याधुनिक प्रयोगशाला में जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए एनआईए पंचकूला पहुंच रहे हैं।
शोध और तकनीक पर दिया विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान प्रो. वैद्य रबीनारायण आचार्य ने संस्थान में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आयुर्वेद को प्रभावी और विश्वसनीय चिकित्सा प्रणाली के रूप में स्थापित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, आधुनिक तकनीक के समावेश और रोगी-केंद्रित सेवाओं पर लगातार काम करने की जरूरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि एनआईए पंचकूला भविष्य में आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
जन-जन तक आयुर्वेद पहुंचाने का लक्ष्य
प्रो. गुलाब चंद पमनानी ने बताया कि आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा के मार्गदर्शन में संस्थान आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविरों और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक आयुर्वेदिक उपचार पहुंचाया जा रहा है। संस्थान का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाना है।

