Ambala Storm Water Drain: अंबाला में पुराने दिल्ली रोड के जलभराव का निकलेगा रास्ता, 12.42 करोड़ से बनेगा नया स्टॉर्म वाटर ड्रेन
जंडली फ्लाईओवर से पॉलिटेक्निक चौक तक बनेगा नया ड्रेन, ओवरफ्लो की समस्या का होगा समाधान
अंबाला शहर के पुराने दिल्ली रोड पर हर बारिश में सड़क पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की समस्या से निपटने के लिए अब नया स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाया जाएगा। जंडली फ्लाईओवर से पॉलिटेक्निक चौक तक इस ड्रेन के निर्माण के लिए 12.42 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। मौजूदा ड्रेनों के ओवरफ्लो होने के कारण सामने आ रही जलभराव की समस्या के समाधान के लिए यह काम मुख्यमंत्री घोषणा के तहत कराया जाएगा। परियोजना को तकनीकी मंजूरी पहले ही मिल चुकी थी और अब प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद इसके आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने यह जानकारी दी।
पुराने ड्रेनों की क्षमता पड़ रही कम
पुराने दिल्ली रोड के साथ बने मौजूदा ड्रेनों के ओवरफ्लो होने से बारिश के दौरान पानी सड़क पर जमा हो जाता है। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ता है। सरकार ने अब मौजूदा व्यवस्था पर निर्भर रहने के बजाय इस हिस्से के लिए नया स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाने का फैसला किया है। जंडली फ्लाईओवर से पॉलिटेक्निक चौक तक बनने वाला नया ड्रेन बारिश के पानी की निकासी क्षमता बढ़ाएगा और इस मार्ग पर जलभराव की समस्या कम करने के लिए काम करेगा।
मानसून से आगे की तैयारी
सरकार इस परियोजना को केवल मौजूदा मानसून की समस्या से निपटने तक सीमित नहीं मान रही। मंत्री रणबीर गंगवा के अनुसार ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को इस तरह मजबूत किया जा रहा है कि वह भविष्य में बढ़ती आबादी और शहरीकरण की जरूरतों को भी संभाल सके। यानी फोकस बारिश के दौरान पानी निकालने की तत्काल व्यवस्था से आगे शहरी जल निकासी की क्षमता बढ़ाने पर है।
प्रदेशभर में 80 करोड़ का प्रावधान
अंबाला की इस परियोजना के साथ सरकार ने प्रदेश में शहरी जल निकासी को लेकर बड़े बजट का भी संकेत दिया है। वर्ष 2026-27 में ‘अर्बन ड्रेनेज एंड फ्लड कंट्रोल’ के तहत 80 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार के मुताबिक इस राशि से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य जलभराव के साथ-साथ शहरी बाढ़ के जोखिम को कम करना है।

