Gursimran Singh Attacked : एंटी-खालिस्तानी फ्रंट के नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर हमला, बेटे समेत घायल
पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा में माथा टेकने पहुंचे थे; घटना के कारणों की जांच में जुटी पुलिस, दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
Gursimran Singh Attacked : इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट के नेता गुरसिमरन सिंह मंड शुक्रवार को अम्बाला के पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा के निकट हुए हमले में घायल हो गए। इस दौरान उनके बेटे को भी चोटें आईं। पुलिस के अनुसार, मंड गुरुद्वारा में माथा टेकने पहुंचे थे, जहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ और बाद में उन पर हमला कर दिया गया। घटना में उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे दो पुलिसकर्मियों को भी मामूली चोटें आई हैं।
मंड को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उन्होंने आरोप लगाया कि वह अपने बेटे के साथ कार में बैठे थे, तभी कुछ लोगों ने उनकी कार को घेर लिया और डंडों, तलवारों तथा अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। उनका कहना है कि यदि पुलिसकर्मी बीच-बचाव नहीं करते तो उनकी जान जा सकती थी।
मंड ने दावा किया कि उन पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि वह प्रधानमंत्री के समर्थन और खालिस्तान के विरोध में बोलते हैं। उनके अनुसार, हमलावर उनसे प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ नारे लगाने तथा जेल में बंद अमृतपाल सिंह और अन्य लोगों की रिहाई की मांग करने को कह रहे थे।
वायरल वीडियो में कार पर हमला
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक मंड की कार पर डंडों और ईंटों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। मंड लोगों से हमला न करने की अपील करते नजर आते हैं, जबकि उनके सुरक्षा कर्मी भी भीड़ को रोकने का प्रयास करते दिखते हैं।
दूसरी ओर, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (एचएसजीएमसी) के सदस्य गुरतेज सिंह ने अलग दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंड की गाड़ी संगत के बीच तेज और लापरवाही से चलाई गई, जिससे कुछ लोगों को चोटें लगीं। उनका आरोप है कि घटना के बाद मंड का व्यवहार भी लोगों के प्रति असंवेदनशील था, जिससे विवाद बढ़ गया। उन्होंने यह भी कहा कि मंड के कुछ पुराने सार्वजनिक बयानों को लेकर भी लोगों में नाराजगी थी।
पुलिस बोली, सभी पहलुओं की जांच
अम्बाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का अभी पता लगाया जा रहा है। उनके अनुसार, मंड गुरुद्वारा में माथा टेकने आए थे, जहां किसी बात को लेकर बहस हुई और बाद में उन पर हमला किया गया। उन्होंने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं। मंड का बयान दर्ज किया जाना बाकी है और उसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

