Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

3 दिन की हड़ताल के बाद अब आर-पार की तैयारी, कल तय होगा अगला कदम; 17 मांगें लागू नहीं होने से नाराज कर्मचारी

83 निकायों और 103 दमकल केंद्रों में करीब 50 हजार कर्मचारियों के हड़ताल पर होने का दावा

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Municipal Workers Strike : हरियाणा में नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के बाद अब आंदोलन के अगले चरण की तैयारी शुरू हो गई है। मंगलवार को रोहतक में होने वाली संयुक्त राज्य कार्यकारिणी की बैठक में हड़ताल आगे बढ़ाने और आंदोलन को और व्यापक करने पर निर्णायक फैसला होगा। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की संयुक्त बैठक 11 अगस्त को कर्मचारी भवन, रोहतक में बुलाई गई है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार के साथ हुए समझौते के बावजूद मांगें लागू नहीं होने के कारण अब आंदोलन को पीछे खींचना मुश्किल है। नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री के अनुसार 13 मई को सरकार के साथ 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद मांगों को लागू नहीं किया गया। इनमें ठेका प्रथा खत्म करना, कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेना, नियमित होने तक न्यूनतम वेतन देना, ईएसआइ-ईपीएफ का लाभ, जोखिम भत्ता और नई नियमित भर्तियां प्रमुख हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि समझौते के बाद भी जमीनी स्तर पर बदलाव नहीं हुआ, इसलिए तीन दिवसीय हड़ताल के बाद आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की जरूरत महसूस हो रही है।

Advertisement

50 हजार कर्मचारी हड़ताल पर होने का दावा

कर्मचारी नेताओं के अनुसार प्रदेश के 83 नगर निकायों और 103 दमकल केंद्रों में करीब 50 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। इसके चलते सफाई, सीवर व्यवस्था, पार्कों, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सेवाओं पर असर पड़ने का दावा किया गया है। निकाय कार्यालयों का नियमित कामकाज भी प्रभावित हुआ है। अब मंगलवार की बैठक में यह तय किया जाएगा कि हड़ताल को आगे किस रूप में बढ़ाया जाए और किन सेवाओं से जुड़े कर्मचारी आंदोलन में शामिल किए जाएं।

Advertisement

पद खत्म करने पर भी भड़का गुस्सा

कर्मचारियों का विरोध केवल लंबित मांगों तक सीमित नहीं है। पालिका, परिषद और नगर निगमों में ग्रुप-डी और ग्रुप-सी के करीब 1450 पद समाप्त किए जाने तथा करीब 300 अन्य पदों को समाप्ति की प्रक्रिया में डालने का भी विरोध किया जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पहले से कर्मचारियों की कमी झेल रहे निकायों में पद खत्म करने से सफाई और दूसरी जनसेवाओं का संकट और गहरा सकता है।

वीरू वाल्मीकि के परिवार के लिए भी न्याय की मांग

हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने करनाल में सफाई कर्मचारी के पुत्र वीरू वाल्मीकि की हत्या का मामला भी उठाया। कर्मचारी संगठनों ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है। मंगलवार की बैठक में इस मुद्दे को भी आंदोलन की आगामी रणनीति में शामिल किए जाने की संभावना है।

Advertisement
×