अभय चौटाला बोले- 'जेब फाड़ो-कोहनी मारो' सत्र था विधानसभा का तीन दिन का सत्र, कांग्रेस-भाजपा पर मिलीभगत का आरोप
न प्रश्नकाल हुआ, न जीरो ऑवर; विपक्ष के सवालों पर सरकार ने नहीं दिया जवाब: अभय चौटाला
Haryana News : इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा विधानसभा के हाल में संपन्न तीन दिवसीय सत्र को लेकर सरकार और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सत्र को ‘जेब फाड़ो और कोहनी मारो सत्र’ करार देते हुए कहा कि इसमें जनहित के मुद्दों पर चर्चा के बजाय विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा। न प्रश्नकाल हुआ और न जीरो ऑवर। विधायकों को अपनी बात रखने के लिए महज दो-दो मिनट दिए गए।
बुधवार को यहां इनेलो मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अभय ने कहा कि इनेलो ने 12 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए थे, लेकिन बिगड़ती कानून-व्यवस्था से संबंधित केवल एक प्रस्ताव स्वीकार किया गया। आरोप लगाया कि जब सरकार से अपराध पर जवाब मांगा गया तो मुख्यमंत्री वर्तमान सरकार के कामकाज का जवाब देने के बजाय वर्ष 2000 से 2005 और कांग्रेस शासन की घटनाएं गिनाते रहे।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और जर्जर भवनों के कारण करीब एक लाख बच्चों के स्कूल छोड़ने तथा बढ़ते नशे के मुद्दे पर भी सरकार से जवाब नहीं मिला। प्रेस कांफ्रेंस में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चौधरी, पूर्व डीजीपी एमएस मलिक, विधायक आदित्य देवीलाल, विधायक अर्जुन चौटाला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ़ सतबीर सैनी, कार्यालय सचिव नछत्तर सिंह मलहान और संदीप गोयत मौजूद रहे।
सफाईकर्मियों की हड़ताल पर सरकार को घेरा
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 29 दिनों से सफाईकर्मी हड़ताल पर हैं और अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आरोप लगाया कि उनकी बात विधानसभा में उठाने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। हिसार में महिला सफाईकर्मी को पुलिसकर्मी द्वारा लात मारे जाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत विपक्ष होता तो ऐसी घटनाएं नहीं होतीं। अभय ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस विधानसभा में आपस में बहस करते रहे, लेकिन सफाईकर्मियों और दूसरे जनहित के मुद्दों पर विपक्ष एकजुट नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस नेता सफाईकर्मियों के धरने पर क्यों नहीं पहुंचे।
एचकेआरएन के आंकड़ों पर सरकार को चुनौती
अभय चौटाला ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) में नियुक्तियों को लेकर सरकार के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक लाख लोगों को रोजगार देने की बात करते हैं, जबकि उनकी आरटीआई के जवाब में केवल 17 हजार नियुक्तियां होने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि या तो सरकार गलत आंकड़े दे रही है या एचकेआरएन की ओर से ही गलत तथ्य दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर पूछेंगे कि जब सदन में चर्चा ही नहीं होनी थी तो विधानसभा सत्र बुलाने का औचित्य क्या था। वह अपने दोनों विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात करेंगे।
पंजाब के पानी पर मुआवजा और एसवाईएल की मांग
बाढ़ के दौरान पंजाब से आने वाले पानी से हरियाणा में हुए नुकसान पर अभय चौटाला ने पंजाब से भरपाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पानी को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन हरियाणा के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार एसवाईएल का पानी लेने में विफल रही है। इनेलो की सरकार बनने पर हर हाल में एसवाईएल का पानी हरियाणा में लाने का दावा भी किया।

