हरियाणा में बिजली बिल पर नया ‘झटका’ संभव! 47 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त वसूली पर 10 जून को होगी बड़ी सुनवाई
बिजली दरों में तत्काल कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है
हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर आने वाले समय में अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। प्रदेश की दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने पुराने बिजली खरीद खर्च की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि वसूलने का प्रस्ताव रखा है। इस मामले पर अब 10 जून को अहम जनसुनवाई होगी, जिसमें फैसला तय करेगा कि आने वाले वर्षों में बिजली बिल कितना भारी हो सकता है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के सामने दलील दी है कि पिछले वर्षों में बिजली खरीद की लागत लगातार बढ़ी है। कंपनियों का कहना है कि महंगी बिजली खरीदने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा, जिसकी भरपाई अब उपभोक्ताओं से की जानी जरूरी है। इसी के तहत कंपनियों ने आयोग से फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज लागू करने की मांग की है।
47 पैसे प्रति यूनिट बढ़ सकता बोझ
बिजली निगमों का प्रस्ताव है कि उपभोक्ताओं से भविष्य में 47 पैसे प्रति यूनिट की समान दर से अतिरिक्त राशि वसूली जाए। हालांकि कंपनियों ने यह भी सुझाव दिया है कि यह रकम एक साथ न लेकर चरणबद्ध तरीके से वसूली जाए, ताकि उपभोक्ताओं पर अचानक ज्यादा दबाव न पड़े। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में आने वाले समय में अतिरिक्त चार्ज जुड़ सकता है।
अभी तुरंत नहीं बढ़ेंगे बिजली बिल
आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल बिजली दरों में तत्काल कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। पहले सभी पक्षों की राय ली जाएगी। इसके बाद ही अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। यानी फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत है, लेकिन भविष्य में यह अतिरिक्त राशि ब्याज जैसी लागत के रूप में बिजली बिलों में जोड़ी जा सकती है।
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने इस मुद्दे पर 10 जून को जनसुनवाई तय की है। इसमें बिजली निगमों के अलावा उपभोक्ता संगठन, उद्योग प्रतिनिधि और आम लोग भी अपनी आपत्तियां व सुझाव रख सकेंगे। सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि बिजली कंपनियों की मांग कितनी जायज है और उपभोक्ताओं पर कितना अतिरिक्त भार डाला जा सकता है।

