हरियाणा शहरों का नया ब्लूप्रिंट; 24 घंटे पेयजल, सुपर ऐप, फ्री वाई-फाई से लेकर 'नमो सिटी' तक विजन-2047 का रोडमैप, 5 साल में बदलेगी तस्वीर
सीएम ने शहरी निकाय विभाग की समीक्षा में तय की प्राथमिकताएं, सभी योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
Haryana Vision 2047 : हरियाणा सरकार ने विजन-2047 के तहत प्रदेश के शहरों के लिए अगले पांच वर्षों का अर्बन डेवलपमेंट रोडमैप तय कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि नागरिकों को अधिकांश सरकारी सुविधाएं एकीकृत व्यवस्था के तहत उपलब्ध हो सकें। बैठक में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति, एकीकृत सुपर ऐप, फ्री वाई-फाई, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, मल्टीलेवल पार्किंग और 5000 एकड़ में प्रस्तावित 'नमो सिटी' समेत कई परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव अमनीत पी़ कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा तथा मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
गुरुग्राम-फरीदाबाद से शुरू होगी 24 घंटे पानी की योजना
सरकार ने गुरुग्राम और फरीदाबाद में पायलट आधार पर चौबीसों घंटे पेयजल आपूर्ति शुरू करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर बहुभाषी टच स्क्रीन सूचना केंद्र और फ्री वाई-फाई सुविधा विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
एक ऐप में मिलेंगी नगर निकाय की सभी सेवाएं
बैठक में बताया गया कि शहरी नागरिकों के लिए 'एकीकृत सुपर ऐप' विकसित किया जा रहा है। इसे प्रॉपर्टी आईडी से जोड़ा जाएगा। इसी प्लेटफॉर्म पर प्रॉपर्टी टैक्स, पानी के बिल का भुगतान, शिकायत निवारण और अन्य नगर निकाय सेवाएं उपलब्ध होंगी। भविष्य में दूसरे विभागों की सेवाएं भी इसी ऐप से जोड़ी जाएंगी।
वर्षा जल संरक्षण और हरित शहरों पर जोर
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी भवनों तथा 250 गज से बड़े मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए। गुरुग्राम में 120 सिस्टम स्थापित हो चुके हैं, जबकि 50 नगर निकायों में 300 नए सिस्टम लगाए जाएंगे। मानसून के दौरान 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों में एक लाख पौधे लगाने, ग्रीन बेल्ट विकसित करने, दीवारों पर पेंटिंग, फुटपाथ सौंदर्यीकरण और पेड़ों की ट्रिमिंग कराने के भी निर्देश दिए गए।
कूड़े से बिजली, नई पार्किंग और मोबाइल क्लीनिक
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, यमुनानगर और अंबाला में वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में तेजी लाने को कहा। इन संयंत्रों से कचरे के निस्तारण के साथ बिजली और खाद का उत्पादन होगा। रोहतक, बहादुरगढ़, झज्जर और यमुनानगर की शहरी ड्रेनेज परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में मल्टीलेवल पार्किंग, दिव्यांग अनुकूल पार्क, नए सार्वजनिक शौचालय और पिछड़े शहरी क्षेत्रों में मोबाइल क्लीनिक शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
'सिस्टर सिटी' मॉडल और 5000 एकड़ में 'नमो सिटी'
सरकार पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत को विदेशी शहरों के साथ 'सिस्टर सिटी' मॉडल पर विकसित करेगी ताकि वहां की सफल शहरी व्यवस्थाओं को अपनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने केएमपी एक्सप्रेसवे के आसपास 5000 एकड़ में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड 'नमो सिटी' के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने तथा पिंजौर में वेडिंग सिटी परियोजना को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
वैध कॉलोनियों पर ₹838 करोड़ खर्च होंगे
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नियमित की जा चुकी कॉलोनियों में सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 838 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। कई जिलों में टेंडर जारी हो चुके हैं, जबकि शेष स्थानों पर प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि भविष्य में किसी नई अवैध कॉलोनी को विकसित नहीं होने दिया जाए।

