सरकारी मंचों पर बढ़ती मौजूदगी, योग दिवस से फिर तेज हुई सियासी चर्चा; कांग्रेस से निलंबित 5 MLA को मिली जिम्मेदारी
राज्यसभा चुनाव विवाद के बाद दूसरी बार सरकारी आयोजनों में मिली प्रमुख भूमिका
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सरकारी कार्यक्रम इस बार केवल स्वास्थ्य और जनजागरूकता तक सीमित नहीं दिख रहे। 21 जून को प्रदेशभर में आयोजित होने वाले समारोहों के लिए सरकार की ओर से जारी जिम्मेदारियों की सूची ने राजनीतिक चर्चा को नया विषय दे दिया है। वजह यह है कि कांग्रेस से निलंबित चल रहे पांचों विधायकों को भी इन सरकारी आयोजनों में प्रमुख भूमिका दी गई है।
राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान के आरोपों के बाद कांग्रेस से दूरी बना चुके इन चेहरों की सरकारी कार्यक्रमों में लगातार मौजूदगी को राजनीतिक हलकों में सामान्य प्रशासनिक निर्णय से आगे जाकर देखा जा रहा है। सरकार ने योग दिवस कार्यक्रमों के लिए मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियां तय की हैं।
इसी सूची में कांग्रेस से निलंबित नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी, सढ़ोरा की विधायक रेणुबाला, रतिया के विधायक जरनैल सिंह, पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास और हथीन के विधायक मोहम्मद इसराइल को भी शामिल किया गया है। इन पांचों नेताओं को उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में जिम्मेदारी दी गई है। शैली चौधरी को नारायणगढ़, रेणुबाला को ब्यासपुर, जरनैल सिंह को रतिया, मोहम्मद इलियास को पुन्हाना और मोहम्मद इसराइल को हथीन के कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
यह पहला मौका नहीं, पहले भी मिला था मंच
राजनीतिक तौर पर इस निर्णय को इसलिए भी महत्व दिया जा रहा है क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब इन विधायकों को सरकारी आयोजनों में प्रमुखता मिली हो। इससे पहले भी स्वास्थ्य सेवाओं और विकास परियोजनाओं से जुड़े उद्घाटन व लोकार्पण कार्यक्रमों में इन नेताओं की मौजूदगी चर्चा में रही थी। राज्यसभा चुनाव के बाद जब कांग्रेस ने इन विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की थी, तब राजनीतिक रूप से इनके भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें शुरू हुई थीं। ऐसे में लगातार सरकारी आयोजनों में उनकी भूमिका को नए राजनीतिक संकेतों के रूप में पढ़ा जा रहा है।
मुख्य कार्यक्रम पंचकूला में, बड़े चेहरे भी रहेंगे मौजूद
योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम पंचकूला में आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता मौजूद रहेंगी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को करनाल, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को गुरुग्राम और कृष्ण पाल गुर्जर को फरीदाबाद की जिम्मेदारी दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण पानीपत और डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण लाल मिड्ढा सिरसा के कार्यक्रम में भाग लेंगे।
राजनीतिक संदेश या प्रशासनिक औपचारिकता
योग दिवस आम तौर पर गैर-राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस बार जिम्मेदारियों के वितरण ने राजनीतिक व्याख्याओं को जगह दी है। खासकर तब, जब कांग्रेस से दूरी बना चुके विधायक लगातार सरकारी मंचों पर दिखाई दे रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से इसे नियमित प्रशासनिक व्यवस्था माना जा सकता है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे बदलते समीकरणों और संवाद की खुली संभावनाओं के रूप में भी देख रहे हैं। आने वाले समय में इन संकेतों का राजनीतिक अर्थ कितना बड़ा साबित होता है, इस पर नजर बनी रहेगी।
कौन हैं वे पांच विधायक
शैली चौधरी- नारायणगढ़
रेणुबाला- सढ़ोरा
जरनैल सिंह- रतिया
मोहम्मद इलियास- पुन्हाना
मोहम्मद इसराइल- हथीन

