बड़ू साहिब में 111वें निःशुल्क बहु-विशेषता चिकित्सा शिविर का शुभारंभ, पहले दिन 506 लोगों ने उठाया लाभ
जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराना है
अकाल चैरिटेबल अस्पताल, बड़ू साहिब की ओर से अकाल कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के सहयोग से 111वें दो दिवसीय निःशुल्क बहु-विशेषता चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर 4 अक्टूबर तक चलेगा।
इसका उद्देश्य क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराना है। शिविर के पहले दिन कुल 506 लाभार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इनमें 492 लोगों ने विभिन्न ओपीडी में परामर्श और बोन मिनरल डेंसिटी जांच कराई, जबकि 14 सफल शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं की गईं। पहले दिन मेडिसिन ओपीडी में 148, नेत्र रोग ओपीडी में 127, ईएनटी में 44, ऑडियोलॉजी में 5, स्त्री एवं प्रसूति रोग ओपीडी में 27 और ऑर्थोपेडिक्स में 83 लोगों की जांच एवं परामर्श किया गया। इसके अलावा 58 लोगों की बोन मिनरल डेंसिटी जांच की गई। शिविर में विभिन्न रोगों के उपचार के लिए अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञों ने सेवाएं दीं।
जालंधर से पहुंचे ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. गौतम सिंह और ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. जी.पी. सिंह ने मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श दिया। वहीं, अकाल ड्रग डी-एडिक्शन एवं मनोचिकित्सा सेवाओं के निदेशक डॉ. राजिंदर सिंह ने पुरुषों और महिलाओं को नशामुक्ति एवं व्यसन संबंधी चिकित्सा परामर्श प्रदान किया। शिविर में जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, ईएनटी, जनरल मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नेत्र रोग, दंत चिकित्सा, मनोचिकित्सा और नशामुक्ति समेत विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इससे क्षेत्र के लोगों को एक ही स्थान पर अलग-अलग विशेषज्ञों से जांच और उपचार की सुविधा मिल रही है। यह शिविर परम पूजनीय संत बाबा इकबाल सिंह के आशीर्वाद से ‘संत बाबा इकबाल सिंह के 100 वर्ष, मानवता के लिए समर्पित जीवन’ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है।
शिविर का आयोजन डॉ. दविंदर सिंह (एमबीबीएस, एमडी), अध्यक्ष, द कलगीधर ट्रस्ट तथा डॉ. नीलम कौर, निदेशक, अकाल चैरिटेबल अस्पताल के मार्गदर्शन एवं सहयोग से किया गया। शिविर के मेजबान डॉ. एच.पी. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अकाल चैरिटेबल अस्पताल भी मौजूद रहे।
शिविर के सफल संचालन में अकाल चैरिटेबल अस्पताल की चिकित्सा, नर्सिंग और सहयोगी टीमों के साथ स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, शिविर के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

