‘एआई के दौर में युवा फिल्मकार अपनी विशेषज्ञता मजबूत करें’
सुपवा में मास्टर क्लास, फिल्म निर्माता ने बारीकियां समझाईं
एआई के बढ़ते प्रभाव के दौर में फिल्म क्षेत्र से जुड़े युवाओं को अपने काम में विशेषज्ञता हासिल करने के साथ अपनी अलग पहचान और हुनर विकसित करना चाहिए। यह बात फिल्म निर्माता-निर्देशक आकाशादित्य लामा ने डीएलसी सुपवा के सेंट्रल ऑडिटोरियम में फिल्म एवं टेलीविजन संकाय के विद्यार्थियों के लिए आयोजित मास्टर क्लास में कही।
लामा ने कहा कि अभिनेता, निर्देशक, लेखक या सिनेमेटोग्राफर, प्रत्येक के लिए अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाना जरूरी है। उन्होंने फिल्म निर्माण के अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए और कहा कि अच्छी फिल्म की शुरुआत अच्छी कहानी और मजबूत पटकथा से होती है। आसपास की घटनाओं और लोगों को ध्यान से देखना रचनात्मक लेखन के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।
पटकथा फिल्म की भावनात्मक यात्रा की नींव
‘गदर : एक प्रेम कथा’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले आकाशादित्य लामा ने विद्यार्थियों को पटकथा लेखन की बारीकियां समझाईं। उन्होंने कहा कि पटकथा केवल घटनाओं का क्रम नहीं होती, बल्कि यह फिल्म की भावनात्मक यात्रा और उसकी दृश्य भाषा की नींव तैयार करती है।
उन्होंने निर्देशन के दौरान कलाकारों और तकनीकी टीम के साथ प्रभावी संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए लामा ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से किसी विचार को पटकथा और फिर दृश्य माध्यम में बदलने की प्रक्रिया समझाई। कार्यक्रम में कुलगुरु डॉ. अमित आर्य, नेशनल अवॉर्डी फिल्म निर्माता-निर्देशक अतुल गंगवार, रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा सहित फिल्म एवं टेलीविजन संकाय के शिक्षक मौजूद रहे।

