पानी की किल्लत पर ग्रामीणों ने दी चेतावनी, अधिकारियों ने दिया आश्वासन
चरखी दादरी के गांव बौंदकलां में पेयजल संकट से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन पीने के पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है। नहरी पानी भी 40...
चरखी दादरी के गांव बौंदकलां में पेयजल संकट से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन पीने के पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है। नहरी पानी भी 40 से 50 दिन के अंतराल में पहुंचता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर पहुंचे जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जल्द नहरी पानी के साथ पेयजल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसपर ग्रामीण शांत हुए। बता दें कि बृहस्पतिवार को गांव बौंद कलां के ग्रामीण संजीव दहिया की अगुवाई में जलघर पर पहुंचे और गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या को लेकर रोष जताया।
ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में पानी के टैंकों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि ट्रैक्टर-टैंकरों के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाया जा सके। साथ ही नहर से जलघर तक आने वाला पानी का नाला टूटा हुआ है, जिसे जल्द ठीक करवाने की मांग भी उठाई गई। इस दौरान मौके पर पहुंचे जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता सोहनलाल जांगड़ा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द स्थाई समाधान हो जाएगा। इस मौके पर बंसी शर्मा, भला कोच, हेमंत मेंबर सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
बिजली कटों ने बढाई परेशानी
कनीना (निस) : 44 डिग्री सेल्सियस तापमान में लू के थपेड़ों से बचने के लिए आमजन की ओर से ऐहतियात बरती जा रही है, इसके बावजूद बिजली के बार-बार लग रहे कट परेशानी बढ रहे हैं। पानी पीने के बाद भी हलक सूख रहे हैं। तापमान बढने से मशीनरी एवं इलेक्ट्रिक उपकरण गर्म होने से आगजनी की संभावना भी बढ रही है।
चिलचिलाती धूप तथा गर्मी के तीखे तेवरों का असर बेजुबान परिदों व मवेशियों पर असर दिखाई देने लगा है। दुधारू पशुओं में दूध की मात्रा प्रभावित होने लगी है। अधिकांश गावों में सूखे जोहड़ों के चलते जंगली जानवर पेयजल की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। मौसम विभाग की ओर 25 मई से प्रारंभ हो चुके नौतपा के बीच में आंधी बारिश की संभावना जताई गई है। जिला उपायुक्त अनुपमा अंजली सहित स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी कर आमजन को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
