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पीजीआई की रिसर्च को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यूएचएस व एसजेएचआईएफएम के बीच एमओयू– कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस), रोहतक में होने वाले शोध कार्यों का लाभ आमजन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को यूएचएस और स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट (एसजेएचआईएफएम) के...

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मुख्यमंत्री की मौजूदगी में करार करते यूएचएस रोहतक व एसजेएचआईएफएम के अधिकारी। चित्र -हप्र
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पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस), रोहतक में होने वाले शोध कार्यों का लाभ आमजन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को यूएचएस और स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट (एसजेएचआईएफएम) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पंचकूला में आयोजित हस्ताक्षर समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

एमओयू की जानकारी देते हुए यूएचएस के कुलपति डाॅ. एच.के. अग्रवाल ने बताया कि इसके तहत दोनों संस्थान क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं मूल्यांकन, इंटर्नशिप और छात्र सहभागिता जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में होने वाली उत्कृष्ट रिसर्च को अब एसजेएचआईएफएम के सहयोग से सरकारी नीतियों से जोड़ा जाएगा, ताकि शोध का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

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डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि यह सहयोग हरियाणा विजन @2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगा, जिसमें राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना, 50 लाख रोजगार सृजन, 100 प्रतिशत महिला साक्षरता और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम शामिल हैं।

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कुलसचिव डाॅ. रूप सिंह ने बताया कि एमओयू के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान, परामर्श व मूल्यांकन अध्ययन, गैर-गोपनीय डेटा साझा करना, विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना तथा फैकल्टी की कार्यशालाओं व समितियों में सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, विश्वविद्यालय इंटर्नशिप को शैक्षणिक क्रेडिट के रूप में मान्यता देगा।

इस अवसर पर एसजेएचआईएफएम के महानिदेशक ने कहा कि यह एमओयू हरियाणा के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त पहल है, जिससे दोनों संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से राज्य को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

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