शहीदे आजम भगत सिंह , राजगुरु व सुखदेव को श्रद्धांजलि दी
रेवाड़ी में शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के 95वें शहादत दिवस पर सोमवार को युवा संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीईओ) व अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से धारूहेड़ा में भगत सिंह चौक पर स्थित शहीद भगत...
रेवाड़ी में शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के 95वें शहादत दिवस पर सोमवार को युवा संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीईओ) व अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से धारूहेड़ा में भगत सिंह चौक पर स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके श्रद्धांजलि पेश की गई।
इस अवसर पर एआईडीएओ के पूर्व अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता शेर सिंह मीरपुर ने कहा कि 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने शहीद ए आजम भगत सिंह व उनके दो क्रांतिकारी साथी राजगुरु व सुखदेव को फांसी दी थी। शहीद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक आर्मी के नेतृत्व में ये क्रांतिकारी आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे। इनका मकसद था कि अंग्रेजों के बाद देश में शोषणहीन समाज की स्थापना की जाए, जिसमें एक मनुष्य दूसरे मनुष्य का शोषण न कर सके।
परंतु आजादी के बाद देश की सत्ता पर भारतीय पूंजीपति वर्ग काबिज हो गया मुनाफाखोरी का राज जारी है । जिसके कारण देश के किसानों, मजदूरों, शोषितों, वंचितों आदि का शोषण बदस्तूर आज भी जारी है।
शेर सिंह मीरपुर ने नौजवानों का आवहान किया कि नौजवान शहीद ए आजम भगत सिंह के विचारों से प्रेरणा लेकर आगे आए और शहीदों के सपनों का भारत शोषण हीन समाज बनाने के अभियान में जुटे। इस अवसर पर जिला प्रधान नरेश तुर्कियावास, करतार सिंह खटावली, सन्तोष यादव, राकेश फौजी, गजराज सिंह यादव, प्रदीप कुमार, संदीप कुमार, मानस, हर्ष, कृष्ण कुमार, वंश आदि उपस्थित थे।
शहीद भगत सिंह की जयंती पर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा राजपुरा

