उपेक्षा और उत्पीड़न से आहत तीन नाबालिग बच्चियों ने छोड़ा घर
यूपी से ट्रेन में बैठकर पहुंचीं रेवाड़ी, जीआपी ने परिजनों को किया सूचित
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की तीन नाबालिग बच्चियां पारिवारिक उपेक्षा, आर्थिक तंगी और कथित घरेलू उत्पीड़न से परेशान होकर घर छोड़कर ट्रेन में सवार हो गईं और रेवाड़ी पहुंच गईं। रविवार रात रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर गश्त के दौरान जीआरपी की हेड कांस्टेबल पूनम ने स्टाफ के साथ प्लेटफार्म पर तीनों बच्चियों को संदिग्ध हालातों में घूमते देखा। जब उनसे शांतिपूर्वक पूछताछ की गई तो उनकी आपबीती सामने आई, जिसने सभी को भावुक कर दिया।
तीनों बच्चियों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच है और वे एक ही स्कूल में पढ़ती हैं। इनमें दो सगी बहनें हैं। दोनों बहनों ने बताया कि उनकी मां का कई वर्ष पहले निधन हो चुका है। पिता शराब पीने का आदी है और उनकी देखभाल नहीं करता। घर की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है, जिसके कारण उन्हें अक्सर उपेक्षा का सामना करना पड़ता था। तीसरी बच्ची ने भी पिता के शराबी होने और मां द्वारा मारपीट तथा दुर्व्यवहार किए जाने की बात कही। तीनों बच्चियों की पारिवारिक परिस्थितियां लगभग एक जैसी थीं। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी को वे स्कूल जाने के लिए घर से निकलीं, लेकिन पहले से बनाई योजना के तहत स्कूल जाने के बजाय रेलवे स्टेशन पहुंच गईं और ट्रेन में सवार हो गईं। उनका उद्देश्य घर की बदहाली से दूर जाकर कुछ काम करना और अपने लिए बेहतर जीवन तलाशना था।
जीआरपी की टीम महाराजगंज रवाना
रेवाड़ी पहुंचने पर जीआरपी ने उन्हें संरक्षण में लिया। महाराजगंज थाना में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर संबंधित थाना पुलिस से संपर्क किया गया, जिससे परिजनों की पहचान हो सकी। जीआरपी डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि तीनों बच्चियां सुरक्षित और सकुशल हैं। उन्हें परिजनों को सौंपने के लिए पुलिस टीम महाराजगंज रवाना कर दी गई है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों पर ध्यान दें और उन्हें अनावश्यक दबाव या प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।

