माता-पिता से बढ़कर जीवन में कोई नहीं, उनका सम्मान करें : डॉ. मिड्ढा
प्रियदर्शनी महिला कॉलेज में प्रतिभा खोज प्रतियोगिता का समापन, छात्राओं ने नृत्य व रंगोली में दिखाई प्रतिभा
जींद में माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए अपना सर्वस्व लगा देते हैं। इसलिए बच्चों का भी कर्तव्य है कि वे माता-पिता का सम्मान करें और उनके प्रति प्रेम व कृतज्ञता का भाव रखें। यह बात हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने बृहस्पतिवार को जींद के राजकीय प्रियदर्शनी महिला कॉलेज में प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।
प्रतियोगिता के अंतिम दिन एकल नृत्य, रंगोली, हरियाणवी पारंपरिक और हरियाणवी समूह नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत की शानदार झलक प्रस्तुत की।
डॉ. मिड्ढा ने छात्राओं को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता का प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों में शामिल हैं। उन्होंने मां पद्मावती के त्याग और बलिदान का उदाहरण देते हुए छात्राओं से अपने संस्कारों, आत्मसम्मान और जीवन-मूल्यों के प्रति सदैव दृढ़ रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य रणधीर सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मंच संचालन डॉ. सुमिता आश्री ने किया।
प्रतिभा ने बटोरी तालियां
एकल नृत्य प्रतियोगिता में छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। रंगोली प्रतियोगिता में रंगों और कल्पनाशीलता का सुंदर संगम देखने को मिला। हरियाणवी पारंपरिक और समूह नृत्य प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने हरियाणा की लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम
रंगोली प्रतियोगिता में भूमि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एकल नृत्य में तमन्ना प्रथम, तनु द्वितीय और ममता तृतीय रहीं। हरियाणवी पारंपरिक प्रतियोगिता में तनु ने प्रथम, प्रियंका ने द्वितीय और मंजुला ने तृतीय स्थान हासिल किया।

