वर्तमान में सीमा विहीन ज्ञान की आवश्यकता : सुरेंद्र सिंह दहिया
टीका राम एजुकेशन सोसाइटी में राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिक्षाविद् ने रखे विचार
सोनीपत में टीका राम एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह दहिया ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षा के बदलते स्वरूप अनुसार ज्ञान का विकास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती, यह अनंत और असीम है।
संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे सुरेंद्र सिंह दहिया
अध्यक्ष दहिया शनिवार को टीका राम शिक्षा महाविद्यालय में हरियाणा सरकार द्वारा अनुमोदित एक दिवसीय बहुविषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में बोल रहे थे। संगोष्ठी का विषय ‘ज्ञान सीमा से परे बदलती दुनिया के लिए अंतर्विषयक दृष्टिकोण’ रहा। संगोष्ठी का माध्यम ऑफलाइन तथा ऑनलाइन रहा। इसका उदाटन टीकाराम एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष सुरेंद्र दहिया ने किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान को सीमाओं में नहीं बांध कर रखा जा सकता। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सीमा विहीन ज्ञान पाने के रास्ते पर चलकर समाज और देश के भले के लिए कार्य करें।
शिक्षा में परिवर्तन जरूरी : प्रो. सैनीAdvertisement
चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलपति प्रो. आरपी सैनी ने कहा कि लीक पर चलने का दौर जा चुका है। विश्व की बदलती परिस्थितियों की मांग के अनुसार शिक्षा में परिवर्तन आवश्यक है। हमें भी इस बदलाव को अपनाना होगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह राणा ने विभिन्न संस्थान से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में वर्तमान परिपेक्ष्य में उच्च शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के विषय एवं उपविषयों पर विचार व्यक्त किए।
तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक की पूर्व प्रोफेसर डॉ. हेमंत लता शर्मा, डॉ. इंदिरा ढुल डॉ. राजीव कुमार ने की। सेवानिवृत एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बलवीर सिंह ने ऑफलाइन सत्र की अध्यक्षता की। संयोजिका मीनू कुमारी और डॅा. पूनम देशवाल ने बताया कि इसमें 227 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा ऑनलाइन व ऑफलाइन डिजिटल पोस्टर व शोध-पत्र की प्रस्तुति दी ।
सांयकालीन सत्र की अध्यक्षता डीसीआरयूएसटी, मुरथल के डीन प्रो. विजय कुमार शर्मा ने की। उन्होंने अपने समापन सत्र के अध्यक्षीय भाषण में कहा कि सेमीनार का विषय समयानुकूल है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजनकों को बधाई दी।

