‘चेतना में परिवर्तन लाती हैं गीता की शिक्षाएं’
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत सेक्टर-16ए स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में गीता मनीषी ने गीता के महत्व विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। कार्यक्रम में एसडीएम अमित कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के प्रधानाचार्य घनश्याम दास, मॉस मीडिया की अध्यक्षा शालिनी खुराना की देखरेख में हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में इस्कॉन मंदिर से परमात्मा दास ने बताया कि संस्था के संस्थापक आचार्य एसी भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद ने 70 वर्ष की आयु में भारत से भगवद गीता का ज्ञान लेकर विश्वभर में इसे पहुंचाने का अभियान शुरू किया और व्यक्तिगत रूप से एक अरब से अधिक प्रतियां लोगों तक पहुंचाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि जैसे हर व्यक्ति के पास अपना मोबाइल फोन है, वैसे ही प्रत्येक घर में गीता की अपनी प्रति होना आवश्यक है, क्योंकि इसे समझने का पहला कदम स्वयं अध्ययन है। श्रील प्रभुपाद ने अमेरिका में माई एक्सपेरिमेंट विद भगवद गीता के रूप में गीता के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारकर विशेषकर हिप्पी जनरेशन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सफल प्रयास किया। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि जैसे मेकअप व्यक्ति के रूप में परिवर्तन लाता है, उसी प्रकार गीता की शिक्षाएं आंतरिक चेतना में परिवर्तन लाती हैं। मानव जीवन को एयरक्राफ्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी वास्तविक उड़ान तभी संभव है जब गीता के मार्गदर्शन को व्यवहार में लाया जाए। एसडीएम अमित कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा अवस्था जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है, जिसे सही निर्णय, क्षमता, संतुलित दिनचर्या और स्पष्ट लक्ष्यों के साथ दिशा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह वही समय है जब विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व, करियर और जीवनदृष्टि की मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने आलस्य को मनुष्य के विकास में बाधक प्रमुख तत्व बताते हुए इसके त्याग की प्रेरणा दी। उन्होंने संस्कृत भाषा की विशेषताओं और भारतीय ज्ञान परंपरा में उसकी प्रतिष्ठा का उल्लेख किया। इसी संदर्भ में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के व्यापक साहित्यिक और दार्शनिक आधार को सरल शब्दों में समझाते हुए बताया कि यह ग्रंथ महाभारत के भीष्म पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिनमें श्रीकृष्ण ने अर्जुन को युद्ध के दौरान उपदेश दिए थे। इस अवसर पर डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल, कॉलेज की प्राचार्या मौजूद रहीं।
