एसोसिएशन ने आधुनिकता की दौड़ में भी संस्कृति को जीवंत बनाए रखा : विपुल गोयल‘चंग रो धमीडो मैं तो मेहलां बैठी सुणियो रे...’ और ‘होली आई रे फागण रे महीने मस्ती छाई रे’ जैसे पारंपरिक राजस्थानी लोकगीतों पर पूरा पंडाल झूम उठा। अवसर था राजस्थान एसोसिएशन द्वारा आयोजित रंगोत्सव 2026 होली मिलन समारोह का। हर वर्ष की भांति इस बार भी कार्यक्रम में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, लोककला और भाईचारे की अनूठी छटा देखने को मिली।नेशनल हाईवे स्थित बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस रंगारंग समारोह में प्रदेश के राजस्व एवं शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोगों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आधुनिकता की दौड़ में भी उन्होंने अपनी समृद्ध संस्कृति को जीवंत बनाए रखा है।उन्होंने एसोसिएशन के इस वार्षिक आयोजन की सराहना करते हुए सभी को होली की शुभकामनाएं दीं। समारोह में खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर और बड़खल विधानसभा से विधायक धनेश अदलखा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई।एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतम चौधरी, उपाध्यक्ष अरुण कुमार सर्राफ, सचिव उमेश झंवर, संयुक्त सचिव अश्वनी शर्मा, कोषाध्यक्ष गुलाब चंद बैद और कार्यक्रम संयोजक श्याम कांकाणी ने मुख्य अतिथियों को प्लांटर, बुके और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर औद्योगिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।अध्यक्ष गौतम चौधरी ने बताया कि एसोसिएशन सामाजिकता के 50 वर्ष पूरे कर रही है और भविष्य में भी भाईचारा, समरसता और समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाती रहेगी। सांस्कृतिक संध्या में गायक शहजाद अली और रेनू नागर ने ‘केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हार देश’, घूमर और अन्य लोकप्रिय प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। मेघराज मारवाड़ी एंड पार्टी, ढोल-नगाड़ा और कच्छी घोड़ी नृत्य ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।इस मौके पर संचालन समिति सदस्य टीएम लालानी, अरुण बजाज, एमपी रूंगटा, एसपी अग्रवाल, कार्यकारणी सदस्यों में राजकुमार अग्रवाल, रमेश झंवर, कैलाश शर्मा, मनोज अग्रवाल, पार्षद मुकेश अग्रवाल, सीबी रावल, एच के बत्रा, अजय जुनेजा, राजकुमार अग्रवाल, वीएस चौधरी, आरके जैन, विनोद गर्ग, रोशन लाल बोरड, शशिकला, अलका चौधरी, कमला लुनिया सहित कई सदस्य मौजूद रहे।