हिमाचल प्रदेश स्थित चामुंडा देवी मंदिर से मां चामुंडा की पावन पालकी पहली बार प्रदेश से बाहर निकलकर जींद पहुंची। जींद वासियों को माता की पावन पालकी के दर्शन करवाने का श्रेय प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के पुत्र कर्ण प्रताप सिंह को जाता है।
रानी तालाब स्थित राम मंदिर से मां चामुंडा की पावन पालकी भव्य शोभायात्रा के रूप में निकाली गई, जो हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा के निवास स्थान तक पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे लगाए, भजन-कीर्तन किए और पुष्प वर्षा कर पालकी का स्वागत किया। वातावरण भक्तिमय आस्था से गुंजायमान हो उठा।
डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर माता की पालकी का स्वागत किया तथा प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कर्ण प्रताप सिंह, जो जींद में नौ दिवसीय 108 कुंडीय महायज्ञ के आयोजक भी रहे, ने बताया कि मां चामुंडा की यह पावन पालकी हिमाचल प्रदेश से पहली बार प्रस्थान कर जींद पहुंची है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने मार्ग में आरती उतारकर और पुष्प वर्षा कर माता का अभिनंदन किया।
शोभायात्रा के दौरान भजन मंडलियों ने भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। श्रद्धालुओं ने माता से परिवार की सुख-शांति, प्रदेश की उन्नति और समाज में सद्भावना बनाए रखने की प्रार्थना की। कर्ण प्रताप सिंह ने कहा कि जींद में नौ दिनों तक चला धार्मिक आयोजन हर दृष्टि से ऐतिहासिक रहा और इसमें सभी वर्गों के लोगों का पूर्ण सहयोग मिला।

