वैन में गैंगरेप मामले में नीमका जेल में हुई पहचान परेड में पीड़िता ने दोनों आरोपियों को पहचान लिया है। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद थे। पहचान परेड के दौरान दोनों आरोपियों को उन्हीं की कद-काठी के 10 अन्य कैदियों के बीच खड़ा किया गया। मजिस्ट्रेट ने पीड़िता से उनमें से आरोपियों को पहचानने के लिए कहा। उसने तुरंत दोनों को पहचान लिया। परेड के दौरान पुलिस जांच अधिकारी और नीमका जेल के सुपरिटेंडेंट भी मौजूद थे। पीड़िता द्वारा आरोपियों की पहचान करने से मामला मजबूत होगा। यह कोर्ट में आरोपियों का जुर्म साबित करने में एक अहम सबूत साबित होगा। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर भी ले सकती है। पहचान परेड के कारण पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद बिना रिमांड पर लिए जेल भेज दिया था। गौरतलब है कि 30 दिसंबर को पीड़िता अपनी सहेली के घर गई थी। सहेली के घर से निकलने में देरी के चलते महिला ने ऑटो-रिक्शा लिया और रात में एनआईटी टू चौक पहुंची। वह पैदल मेट्रो चौक तक गई, वहां ऑटो.रिक्शा का इंतजार करने लगी। रात 12 बजे वैन सवार दो युवकों के कहने पर महिला वैन में बैठ गई। युवकों ने वैन को गंतव्य स्थान पर ले जाने के बजाय गुरुग्राम रोड की तरफ मोड़ दिया। आरोप है कि उन्होंने उसके साथ गैंगरेप किया। सुबह 3 बजे उन्होंने उसे एसजीएम नगर में मुल्ला होटल के पास फैंक दिया और चले गए। पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, गैंगरेप केस के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब उनकी पहचान वेरिफाई की जाएगी।
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