Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

परिवार ने बेटे की मौत के बाद चुनी 'जिंदगी'

भिवानी के लाल के अंगदान से 6 को दिया नया जीवन

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
पीजीआइएमएस रोहतक में अंगदानी के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते पूर्व मंत्री कुमार ग्रोवर, कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल व निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल। -हप्र
Advertisement

Organ donation भिवानी जिले के 28 वर्षीय युवक की मृत्यु के बाद अंगदान कर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने पूरे प्रदेश को भावुक कर दिया। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसे ब्रेन डेड घोषित किया गया। दुख की इस घड़ी में परिवार ने साहस दिखाते हुए अंगदान का फैसला लिया और 6 लोगों को नया जीवन मिल सका।

अंतिम विदाई के दौरान अस्पताल परिसर 'अंगदान महादान' के नारों से गूंज उठा। डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर युवक को श्रद्धांजलि दी। युवक के पिता के शब्द हर किसी की आंखें नम कर गए- 'दो रास्ते थे, बेटा मिट्टी में जाता या 6 घरों में जिंदा रहता। हमने जिंदगी चुनी।'

Advertisement

अंगदान की यह ऐतिहासिक प्रक्रिया शुक्रवार और शनिवार की रात पूरी की गई। पहली बार सेना के दो अस्पतालों की विशेषज्ञ टीमें भी इसमें शामिल हुईं। एक टीम हेलीकॉप्टर से और दूसरी सड़क मार्ग से रोहतक पहुंची। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सोटो हरियाणा और रोहतक पुलिस ने पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

Advertisement

पीजीआईएमएस के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि एक बेटे को खोकर इस परिवार ने 6 जिंदगियां बचा लीं, जो मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने भी परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि यह बलिदान किसी शहादत से कम नहीं है। उन्होंने अस्पताल की टीम और विशेष रूप से डॉक्टरों की मेहनत की सराहना की।

युवक का हृदय दिल्ली भेजा गया, लीवर आरआर हॉस्पिटल दिल्ली पहुंचाया गया, एक किडनी चंडीमंदिर के आर्मी अस्पताल भेजी गई, जबकि दूसरी किडनी और दोनों कॉर्निया पीजीआईएमएस में प्रत्यारोपित किए गए।

Advertisement
×