सोनीपत शहर की सरकार की पहली बैठक में खींचा गया विकास का खाका
-मेयर बोले रेहड़ी फड़ी लगाने वालों के पास अगर परिवार पहचान पत्र है तो होगा उनका रजिस्ट्रेशन
सोनीपत नगर निगम की हाउस की पहली बैठक (सोनीपत शहर की सरकार) में 375 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हुई और ज्यादातर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए। इनमें कूड़े के डंपिंग पॉइंट कम करने, विकास कार्यों पर निगरानी के लिए वार्ड कमेटी गठित करने, कूड़ा फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी से लैस मोबाइल वैन शुरू करने, कूड़ा फैलाने वालों की सूचना देने वाले को पारितोषिक देने, घर-घर से कूड़ा उठाने का शुल्क प्रॉपर्टी टैक्स में जोडऩे का प्रस्ताव शामिल रहे।
शहरी सरकार की पहली सदन की बैठक शुक्रवार को सेक्टर-23 स्थित सामुदायिक केंद्र में हुई। बैठक की अध्यक्षता मेयर राजीव जैन ने की। बैठक में विधायक निखिल मदान, आयुक्त हर्षित कुमार, सहआयुक्त मीतू धनखड़, सहायक आयुक्त विजय यादव के अलावा पार्षद शामिल हुए। दिलचस्प बात यह रही कि हाउस बैठक के दौरान पार्षदों के पतियों, ससुर या अन्य प्रतिनिधियों के प्रवेश को अनुमति नहीं दी गई।
पार्षद सुरेंद्र मदान ने कहा कि हर घर से कूड़ा लेने के लिए रोजाना गाड़ी नहीं आती, लोग सडक़ किनारे कूड़ा फेंक देते हैं। विधायक निखिल मदान ने फटकार लगाते हुए कहा कि डोर टू डोर कचरा संग्रहण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निगम अधिकारी रोजाना जांच कर जुर्माना लगाए। साथ ही उन्होंने सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, दूषित पेयजल आपूर्ति, सीवर ओवरफ्लो संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के आदेश दिए।
सोनीपत शहर की सरकार की पहली बैठक-मिर्च मंडी तक ब्रेकर लगाने की मांग
पार्षद अनुराग जैन ने मिशन चौक पर मिर्च मंडी तक ब्रेकर लगाने की मांग की। उनका कहना था कि इससे झपटमारी की वारदात करने वालों पर अंकुश लगेगा। वहीं पार्षद दीपमाला संजय बड़वासनिया ने सीवर सफाई, पेयजल, पक्की गलियों के निर्माण और गढ़ी ब्राह्मण रोड के विकास की मांग की।
पार्षद त्रिभुवन ने कहा कि गलियों के निर्माण में मिट्टी व पत्थर दर्शाए बिना जेई टेंडर लगा रहे है। पुरानी शहरी सरकार में कई ऐसे विकास कार्य है जिनके नारियल तोड़े गए लेकिन काम अब तक नहीं शुरू नहीं हो पाया है। इंजीनियरिंग शाखा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वार्ड में एक कार्य का प्रारंभिक एस्टीमेट 17 लाख रुपये का बनाया गया था, लेकिन बाद में संशोधन के बाद उसी कार्य की लागत बढक़र करीब 1.10 करोड़ रुपये हो गई।
मेयर जैन ने लोगों की समस्याओं के समाधान में देरी पर लगाई फटकार
मेयर राजीव जैन बोले कि अगर रेहड़ी फड़ी लगाने वालों के पास अगर परिवार पहचान पत्र है तो उनका रजिस्ट्रेशन करके जगह आवंटित की जाएगी। इससे शहर के अंदर अतिक्रमण को खत्म करने का प्रयास रहेगा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इन मुद्दों पर भी बनी सहमति
बैठक में बड़वासनी नहर से रेवली रजबहा तक पानी पहुंचाने को सर्वे कराने, पार्कों में गिरे पत्तों से जैविक खाद तैयार की व्यवस्था करने, सीवरेज लाइनों की डिसिल्टिंग, पेयजल व्यवस्था सुधारने, बंदरों को पकडऩे और शहर के समग्र विकास को गति देने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
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