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डोंकी रूट से अमेरिका गए युवक का शव 22 दिन बाद सफीदों पहुंचा, ‘यारी इंडिया’ ने निभाई मानवीय जिम्मेदारी

करीब ढाई वर्ष पहले अपने पिता की डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर डोंकी रूट के जरिए अमेरिका गए सफीदों के गांव साहनपुर निवासी सुधीर (32) का शव सोमवार को उसके पैतृक गांव पहुंचा। अमेरिका में 23 नवंबर को बीमारी के चलते...

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करीब ढाई वर्ष पहले अपने पिता की डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर डोंकी रूट के जरिए अमेरिका गए सफीदों के गांव साहनपुर निवासी सुधीर (32) का शव सोमवार को उसके पैतृक गांव पहुंचा। अमेरिका में 23 नवंबर को बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई थी। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाजसेवी भी शामिल हुए।

मृतक के परिजनों ने बताया कि सुधीर को अमेरिका भेजने के लिए उसके पिता आजाद ने अपनी एकमात्र डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी थी। अमेरिका पहुंचने के बाद सुधीर कुछ समय तक काम करता रहा, लेकिन बाद में उसकी तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहा। इलाज के दौरान 23 नवंबर को उसकी मौत हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शव को भारत लाने की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।

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यारी इंडिया के अध्यक्ष लोहान ने की मदद

इस बीच समाजसेवी संस्था ‘यारी इंडिया’ के अध्यक्ष रणवीर लोहान मदद के लिए आगे आए। परिजनों ने बताया कि सुधीर की मौत की सूचना मिलने के बाद 28 नवंबर को रणवीर लोहान स्वयं उनके घर पहुंचे और शव को अमेरिका से भारत लाने की पूरी प्रक्रिया शुरू करवाई। शव को अमेरिका से सफीदों तक लाने में करीब 20 लाख रुपये का खर्च आया, जिसे पूरी तरह ‘यारी इंडिया’ संस्था ने वहन किया। इस दौरान पीड़ित परिवार पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं डाला गया।

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गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने रणवीर लोहान और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए इसे मानवता का बड़ा कार्य बताया। इस मौके पर रणवीर लोहान ने बताया कि बीते दो वर्षों में अमेरिका गए कई भारतीय युवा वहां भय और दबाव के माहौल में जी रहे हैं। अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के चलते अनेक युवक मानसिक तनाव में आकर हृदयाघात से जान गंवा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि भाषा और यातायात नियमों की जानकारी न होने के कारण कई भारतीयों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए हैं, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। रणवीर लोहान ने बताया कि अब तक उनकी संस्था अमेरिका से 65 शव भारत लाने में मदद कर चुकी है और सुधीर का शव 65वां शव है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि करनाल जिले के संदीप नामक युवक की अमेरिका में हृदय रोग से मौत की सूचना उन्हें हाल ही में मिली है और वे उस परिवार की मदद के लिए भी आगे आएंगे।

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