Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

‘अरावली से जुड़ी 100 मीटर की परिभाषा तुरंत रद्द की जाए’

गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के 30 से अधिक जिलों की यात्रा करने के बाद अरावली संरक्षण यात्रा भिवानी पहुंची। देवसर पहाड़ पर स्थानीय नागरिकों एवं पर्यावरण संगठनों द्वारा एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय लोगों ने यात्रियों का...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के 30 से अधिक जिलों की यात्रा करने के बाद अरावली संरक्षण यात्रा भिवानी पहुंची। देवसर पहाड़ पर स्थानीय नागरिकों एवं पर्यावरण संगठनों द्वारा एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय लोगों ने यात्रियों का स्वागत किया और अरावली संरक्षण के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। यह 700 किलोमीटर लंबी यात्रा संपूर्ण अरावली पर्वतमाला को महत्वपूर्ण पारिस्थितिक क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर निकाली जा रही है। यात्रियों ने यह भी मांग रखी कि संरक्षण से जुड़ी वर्तमान 100 मीटर की परिभाषा को पूर्णत: रद्द किया जाए, ताकि अरावली क्षेत्र को व्यापक और प्रभावी सुरक्षा मिल सके।

आदिवासी समन्वय मंच की सदस्य कुसुम रावत ने कहा कि हमने 24 जनवरी को गुजरात के अरावली जिले के मेघराज से अरावली संरक्षण यात्रा की शुरुआत की थी। आज इस पवित्र यात्रा का 35वां दिन है। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के जल, जंगल और जमीन को बचाने का संकल्प है।

Advertisement

उन्होंने कहा कि अरावली विश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में से एक है, जो उत्तर भारत में जलवायु संतुलन, भूजल पुनर्भरण, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Advertisement

Advertisement
×