Teachers Protest : 40 हजार पदों पर भर्ती की मांग को लेकर अध्यापकों का धरना
पुरानी पेंशन बहाल करने और अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग, स्कूल मर्ज करने की नीति का विरोध
Teachers Protest : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से जुड़े अध्यापकों और कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय के सामने एक दिवसीय धरना देकर सरकार की शिक्षा और कर्मचारी नीतियों के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के स्कूलों में खाली पड़े करीब 40 हजार शिक्षकों के पदों पर नियमित भर्ती करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग उठाई। धरने के दौरान कर्मचारियों ने भूख हड़ताल भी की।
धरने की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान अजीत राठी ने की, जबकि संचालन जिला सचिव सुमेर आर्य ने किया। शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ, फायर ब्रिगेड कर्मचारी संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ और हेमसा ने भी धरने को समर्थन दिया।
टेट की शर्त हटाने की मांग
अजीत राठी और सुमेर आर्य ने कहा कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त ऐसे अध्यापक, जिनकी सेवा पांच वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, उनके लिए 31 अगस्त 2028 तक टेट पास करने की शर्त लगाई गई है। उन्होंने इस शर्त को रद्द करने और वरिष्ठता के आधार पर संबंधित अध्यापकों को टेट से छूट देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों के अनुसार अतिथि अध्यापकों को जल्द नियमित किया जाना चाहिए। संघ ने स्कूलों को मर्ज या बंद करने के बजाय शिक्षा का बजट बढ़ाने तथा आबादी के अनुपात में नए स्कूल खोलने की मांग भी की।
एनपीएस खत्म कर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग
पूर्व अध्यापक संघ के राज्य नेता वजीर सिंह ने कहा कि सरकार अपने संवैधानिक दायित्व से पीछे हट रही है और शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, एचकेआरएन को बंद कर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की। उन्होंने तबादला प्रक्रिया हर साल अप्रैल में पारदर्शी तरीके से पूरा करने और अध्यापकों से गैर-शैक्षणिक कार्य न करवाने की मांग भी उठाई।

