सुरजीवन रिजॉर्ट जमीन घोटाला : हाईकोर्ट ने खरीदार कंपनी की याचिका खारिज
सुरजीवन रिजॉर्ट जमीन घोटाला-पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने नूंह जिले के तावड़ू उपमंडल में सुरजीवन रिजॉर्ट से जुड़ी करोड़ों रुपये की जमीन विवाद में खरीदार कंपनी वॉलंटियर डायनामिक एलएलपी की याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही निचली अदालत...
सुरजीवन रिजॉर्ट जमीन घोटाला-पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने नूंह जिले के तावड़ू उपमंडल में सुरजीवन रिजॉर्ट से जुड़ी करोड़ों रुपये की जमीन विवाद में खरीदार कंपनी वॉलंटियर डायनामिक एलएलपी की याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही निचली अदालत द्वारा लगाया गया यथास्थिति आदेश बरकरार रहेगा।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि ट्रायल कोर्ट और अपीलीय अदालत ने तथ्यों और कानून के आधार पर अंतरिम निषेधाज्ञा दी थी, जिसमें हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण का अधिकार क्षेत्र सीमित है और इसमें तथ्यों की दोबारा समीक्षा नहीं की जा सकती।
सुरजीवन रिजॉर्ट जमीन घोटाला: यह है विवाद
विवादित भूमि वर्ष 2000 में स्वर्गीय अलका श्रीवास्तव के नाम पंजीकृत हुई थी। उनके पति देवेंद्र कमल श्रीवास्तव का दावा है कि पूरी राशि उन्होंने स्वयं अदा की थी और संपत्ति केवल सुविधा के लिए पत्नी के नाम खरीदी गई थी। उनका कहना है कि वे शुरू से ही भूमि के वास्तविक कब्जे में हैं और इसका एक बड़ा हिस्सा लीज पर भी दिया गया है।
जुलाई 2023 में अलका श्रीवास्तव के नाम से एक कथित वसीयत सामने आई, जिसके आधार पर उनके बेटे-बेटी ने संपत्ति अपने नाम म्यूटेशन करवाई और जनवरी 2025 में करीब 18.94 करोड़ रुपये में तीन रजिस्टर्ड बिक्री विलेखों के जरिए इसे निजी कंपनी को बेच दिया। बिक्री विलेखों में केवल प्रतीकात्मक कब्जा दर्ज है। कोर्ट के मुताबिक, यह दर्शाता है कि खरीदार ने वास्तविक कब्जा नहीं लिया।
इतनी बड़ी संपत्ति का सीमित समय में म्यूटेशन और बिक्री संदेह पैदा करता है। पहले भी खरीदार कंपनी को जिला अदालत और अतिरिक्त जिला न्यायाधीश से तीन बार झटका लग चुका है। संपत्ति का अनुमानित मूल्य करीब 100 करोड़ रुपये है। देवेंद्र कमल श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसे न्याय की जीत बताया।

