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खेल समान अवसर, सामाजिक परिवर्तन का माध्यम : विपुल गोयल

राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप में दिखाया दमखम

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खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि समान अवसर, आत्मसम्मान और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम हैं। समावेशी खेल सशक्त भारत और सशक्त युवाओं के निर्माण की आधारशिला हैं। मानव रचना शैक्षिक संस्थान परिसर में आयोजित राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप 2026 में कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने यह बात कही। इस मौके पर मानव रचना शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष डाॅ. प्रशांत भल्ला व उपाध्यक्ष डाॅ. अमित भल्ला मौजूद रहे। राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप में 19 राज्यों से 227 खिलाड़ी और प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने स्पेशल ओलिंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा को उनके नेतृत्व और समावेशी खेलों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी और कहा कि उनके मार्गदर्शन में स्पेशल ओलिंपिक्स भारत आज एक ऐसा राष्ट्रीय मंच बन चुका है, जो दिव्यांग खिलाड़ियों को सम्मान, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। भारत की परंपरा एकता और समानता के मूल्यों पर आधारित रही है। आज आवश्यकता है कि इन मूल्यों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में व्यवहारिक रूप से लागू किया जाए, ताकि हर व्यक्ति को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। खेलों को केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित मानना उचित नहीं है। खेल अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक समावेशन का सशक्त माध्यम हैं। हर प्रकार की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को खेलों में भागीदारी और सम्मान पाने का बराबर अधिकार है। राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप में जैसे आयोजन केवल प्रतियोगिताएं नहीं बल्कि खिलाड़ियों के लिए गरिमा, अवसर और उत्कृष्टता के राष्ट्रीय मंच होते हैं। मंत्री विपुल गोयल ने मानव रचना शैक्षिक संस्थान और अमित भल्ला के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों और खेल संगठनों के बीच ऐसे सहयोग राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

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